नेशनल हेराल्ड पर मेहरबान सुक्खू सरकार, 2 साल में दिए करोड़ों रुपये की ऐड
- April 17, 2025
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Last Updated:April 17, 2025, 11:46 IST National Herald Case: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने नेशनल हेराल्ड अखबार को 2.34 करोड़ रुपये की सरकारी ऐड दी है, जबकि
Last Updated:April 17, 2025, 11:46 IST National Herald Case: हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने नेशनल हेराल्ड अखबार को 2.34 करोड़ रुपये की सरकारी ऐड दी है, जबकि
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हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने नेशनल हेराल्ड मामले पर प्रदर्शन किया है.
हाइलाइट्स
शिमला. हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार नेशनल हेराल्ड अखबार पर महेरबान है. सरकार की तरफ से बीते दो साल में कांग्रेस पार्टी के इस अखबार को 2. 34 करोड़ रुपये की सरकारी ऐड दी गई है. गौरतलब है कि नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस लीडर सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर चार्जशीट दाखिल की गई है. ऐसे में सुक्खू सरकार पर सवाल उठ रहे हैं.
दरसअल, साल 2022 में कंपनी में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपं की जाँच के लिए ईडी ने केस दर्ज किया था. इस मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी को भी अब चार्जशीट किया गया है और इस वजह से अखबार सुर्खियों में हैं. गौर करने वाली बात है कि 2008 में इस अखबार का प्रशासन बंद हो गया था और 2016 में यह डिजीटली दोबारा शुरू हुआ था.
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के हाल ही में आयोजित हुए सत्र में भाजपा विधायक डॉक्टर जनक राज ने प्रदेश सरकार से अखबार और मीडिया हाउस को ऐड के एवज में किए गए भुगतान की जानकारी मांगी थी. इस पर सरकार ने जबाव में कहा कि था कि नेशनल हेराल्ड और संडे नवजीव अखबार को बीते 1 जनवरी से 2023 से 20 फरवरी 2025 तक सरकार की तरफ से 1.81 करोड़ सहित कुल 2.34 करोड़ की ऐड दी गई है. यहां पर गौर करने वाली बात यह है कि हिमाचल प्रदेश में यह अखबार ना छपता है और ना ही बिकने के लिए आता है.
सीएम से पूछा सवाल तो क्या बोले
शिमला में ईडी की कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान न्यूज18 ने ऐड देने को लेकर सवाल किया तो सीएम ने पलटकर जवाब दिया कि नेशनल हेराल्ड हमारी अपनी अखबार है और आगे भी खूब विज्ञापन देते रहेंगे. इस दौरान सीएम ने कहा कि नेशनल हेराल्ड मामले में एक पैसे का भी स्थानांतरण नहीं किया गया और संचालन में बदलाव करना कांग्रेस की मर्जी है. गौरतलब है कि पंडित जवाहर लाल नेहरू ने 1938 में इस अखबार की शुरुआत की थी.
कई अखबारों और पोटर्स को दिए विज्ञापन
विधानसभा में दिए जवाब से पता चलता है कि सुक्खू सरकार ने कई ऐसा पोर्टल और अखबारों को लाखों रुपये के एड दिए हैं, जिनके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है. साथ ही ना ही वो अखबार हिमाचल प्रदेश में छपते और नजर आते हैं.
