लखनऊ: शुक्र है कि रहीमाबाद और दिलावरनगर रेलवे स्टेशन के बीच एक बड़ी रेल दुर्घटना टल गई. सहरसा से आनंद विहार जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस (05577) को पटरी से उतारने की खौफनाक साजिश थी, जो लोको पायलट की सजगता से नाकाम हो गई. रेलवे अफसरों ने बताया है कि रेलवे ट्रैक पर लकड़ी का करीब ढाई फीट लंबा और छह इंच मोटा भारी टुकड़ा था. इस पर पत्तों समेत आम के पेड़ की कुछ हरी डालियां भी थीं और लकड़ी को ‘राम’ लिखे हुए कपड़े से ढंक दिया गया था. लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को पहले ही रोका और इसकी सूचना दी.
यह सनसनीखेज घटना मंगलवार की रात लगभग दो बजे घटित हुई. मलिहाबाद रेलवे स्टेशन के नजदीक रहीमाबाद-दिलावरनगर स्टेशन खंड के बीच कुछ अज्ञात लोगों ने रेलवे लाइन पर जानबूझकर यह लकड़ी का बड़ा टुकड़ा रखा था. पटरी पर रखे गए लकड़ी का टुकड़ा काफी बड़ा था, जो एक चलती ट्रेन को पटरी से उतारने की क्षमता रखता था. इसके अतिरिक्त, हरी डालियां भी रखी गई थीं, जो ट्रेन के पहियों को जाम कर सकती थीं. घटनास्थल पर एक गमछा भी बरामद हुआ है, जिसे साजिशकर्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने की आशंका है.
यात्रियों का कहना है कि गरीब रथ (05577) के लोको पायलट ने सतर्कता दिखाते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया. जांच के बाद घटना की जानकारी स्टेशन मास्टर और अन्य अधिकारियों को दी. आरपीएफ के राजेश रंजन ने बताया कि पटरी के बीच लकड़ी का टुकड़ा रखा गया था. स्टेशन मास्टर की सूचना पर गरीब रथ को मलिहाबाद स्टेशन पर सुरक्षित रोक लिया गया. बुधवार को, रहीमाबाद के स्टेशन मास्टर की शिकायत पर, आरपीएफ इंस्पेक्टर हुकुम सिंह और आरपीएफ जवान राजेश रंजन ने रहीमाबाद थाने में अज्ञात साजिशकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया है. रेलवे सुरक्षा बल और उत्तर प्रदेश पुलिस की एक संयुक्त टीम अब इस गंभीर साजिश की गहन जांच में जुट गई है. पुलिस आसपास के इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों और व्यक्तियों की तलाश कर रही है.