भागलपुर: पुराने तरीके से खेती करने वाले किसान बड़ी मेहनत के बाद भी मुनाफा नहीं पाते हैं. ऐसे में अब किसान स्मार्ट खेती करने पर जोर दे रहे हैं. खेती को आधुनिक और बेहतरीन बनाने पर कृषि विश्वविद्यालय लगातार काम कर रही है. अब किसानों के काम को आसान बनाने और उन्हें अधिक फायदा पहुंचाने के लिए कृषि यंत्र भी तैयार किया जा रहा है. इससे किसानों को खेती करने में आसानी होगी. अभी कृषि विश्वविद्यालय ने ड्रैगन फ्रूट की खेती और उसकी तुड़ाई के लिए यंत्र तैयार किया गया है. इसका पेटेंट भी मिल गया है.
लगाने और तोड़ने वाला यंत्र किया तैयार
आपको बता दें कि कृषि विश्वविद्यालय के एक वैज्ञानिक वसीम सिद्दकी ने ड्रैगन फ्रूट को तोड़ने और इसके पौधे को लगाने का यंत्र तैयार किया है. जब लोकल 18 की टीम ने उनसे बात की तो उन्होंने बताया कि देखिए अब धीरे-धीरे बिहार में ड्रैगन फ्रूट की खेती बढ़ रही है. ऐसे में किसानों की खेती आसान हो इसे ध्यान में रखना बहुत जरूरी है.
आमतौर पर देखा जाता है कि लोग फ्रूट्स को आमतौर पर घड़ी के सुई की तरह घुमाकर तोड़ते हैं. इसी तरह लोग ड्रैगन फ्रूट को भी घुमा कर तोड़ते हैं. इससे पेड़ या फल खराब हो जाते हैं. आप फल को जितने अच्छे से तोड़ेंगे उसकी लाइफ उतनी अधिक बढ़ेगी इसलिए इसकी कटिंग करने के लिए और इसे पकड़ने के लिए यंत्र तैयार किया गया है. खेत मे गढ्ढा खोदने में परेशानी न हो इसके लिए डीगर बनाया गया है.
कटिंग करने वाले यंत्र से फायदा होगा कि वो फल बहुत दिन तक सुरक्षित रहेगा. ड्रैगन फ्रूट को अगर बार-बार हाथ लगाया जाए तो उसका फल जल्दी खराब हो जाता है क्योंकि उसका ऊपरी हिस्सा मोम की तरह होता है. अगर उस पर कम हाथ लगेगा तो सुंदरता बरकरार रहेगी. इससे बाजार में उसकी अच्छी कीमत मिलेगी.
कुलपति ने की सराहना
कुलपति डॉ डी आर सिंह ने बताया कि हमारे वैज्ञानिकों ने ये अच्छा यंत्र निकाला है. इसका पेटेंट भी मिल गया है. अब इसको जल्द ही मार्केट में उतारा जाएगा जिससे किसानों का काम आसान होने वाला है.