इन जंगली पत्तों में छिपा है सेहत का खजाना, बनाएं इनसे रोटी या पराठा
- April 14, 2025
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Last Updated:April 14, 2025, 14:47 IST Leaves For Heart Health: दिल की सेहत के लिए ये पत्तियां किसी रामबाण से कम नहीं हैं. ये ब्लड सर्कुलेशन ठीक करती
Last Updated:April 14, 2025, 14:47 IST Leaves For Heart Health: दिल की सेहत के लिए ये पत्तियां किसी रामबाण से कम नहीं हैं. ये ब्लड सर्कुलेशन ठीक करती
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हाइलाइट्स
बागेश्वर: उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों की खूबसूरती केवल वहां के प्राकृतिक नजारों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यहां की जैव विविधता भी बेहद खास है. यहां कई ऐसे जंगली पौधे पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल लोग वर्षों से घरेलू उपचारों और खानपान में करते आ रहे हैं. ऐसा ही एक पौधा ऊगल है. जिसे स्थानीय भाषा में फाफर के नाम से जाना जाता है. इसके फायदे हैरान कर देने वाले हैं. जानते हैं विस्तार से.
ब्लड सर्कुलेशन बेहतर करता है
बागेश्वर के स्थानीय जानकार किशन मलड़ा ने लोकल 18 को बताया कि ऊगल एक जंगली पत्तादार पौधा है, जो अपने औषधीय गुणों के लिए प्रसिद्ध है. यह उत्तराखंड के जंगलों में स्वाभाविक रूप से उगता है, लेकिन पहाड़ के लोग इसे अपने घरों में भी उगाते हैं. स्थानीय जानकारों और बुजुर्गों का मानना है कि ऊगल की सब्जी या पराठे खाने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और रुका हुआ या दूषित खून शुद्ध होने लगता है.
इम्यूनिटी के लिए बेहतर
ऊगल के पत्तों में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करते हैं. इसमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम और एंटीऑक्सिडेंट्स की भरपूर मात्रा होती है. जो न सिर्फ ब्लड सर्कुलेशन बल्कि हार्ट हेल्थ के लिए भी लाभकारी मानी जाती है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और थकान भी कम महसूस होती है.
दिल की सेहत के लिए बेहतरीन
ऊगल की पत्तियों को धोकर उसकी सब्जी या पराठा बनाया जाता है. कई लोग इसे साग की तरह पकाते हैं, तो कुछ लोग इसे मसाले डालकर स्वादिष्ट तरीके से परोसते हैं. पारंपरिक तौर पर यह एक देसी सुपरफूड की तरह काम करता है, जो खासतौर पर ठंड के मौसम में शरीर को गर्म रखता है, खून की गति को संतुलित करता है. इसके अलावा ऊगल को हृदय संबंधी समस्याओं के लिए लाभकारी मानते हैं.
केमिकल नहीं है ये पर करता है बेहतरीन काम
इसे किसी भी रासायनिक दवा की तरह नहीं देखा जाना चाहिए, लेकिन नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने पर यह शरीर को प्राकृतिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक हो सकता है. उत्तराखंड की लोक परंपराओं और खानपान की थाली में ऊगल आज भी विशेष स्थान रखता है. यह साबित करता है कि पहाड़ की भूमि न केवल सुंदरता से भरपूर है, बल्कि स्वास्थ्य का खजाना भी अपने आप में समेटे हुए है.
