मास्को: रूसी रक्षा मंत्रालय ने रविवार को दावा किया कि उसके सुरक्षा बलों ने यूक्रेन की ओर से संचालित एक अमेरिकी एफ-16 लड़ाकू विमान को मार गिराया है. मंत्रालय ने स्थान का जिक्र नहीं किया. स्थानीय टीवी चैनल आरटी न्यूज के अनुसार, मंत्रालय ने अपनी दैनिक ब्रीफिंग में कहा, ‘यूक्रेनी वायु सेना के एक एफ-16 विमान को एयर डिफेंस यूनिट के जरिए नष्ट कर दिया.’ यह पहली बार है जब रूस ने एफ-16 को मार गिराने की घोषणा की है, जब से कुछ यूरोपीय देशों ने पिछले साल गर्मियों में यूक्रेन को चौथी पीढ़ी के ये लड़ाकू विमान देने शुरू किए थे.
रिपोर्ट के मुताबिक, एफ-16 को संभवतः रूस ने अपने एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया. अगर यह सही है, तो यह भारत के लिए अच्छी खबर हो सकती है. दरअसल, पाकिस्तान के पास भी एफ-16 विमान हैं, जिसका इस्तेमाल उसने 2019 में भारत पर हमले के लिए किया था. तब भारत के पास एस-400 सिस्टम नहीं था, जिसके कारण पाकिस्तानी विमान भारतीय हवाई सीमा में घुस आए थे. लेकिन अब भारतीय सीमाओं की रक्षा एस-400 सिस्टम कर रहा है. रूस-यूक्रेन युद्ध में यह संकेत मिल रहा है कि एफ-16 विमान एस-400 की मारक क्षमता का मुकाबला नहीं कर पा रहे. यह स्पष्ट संदेश है कि अगर पाकिस्तान ने भविष्य में अपने एफ-16 को भारत की सीमा में घुसाने की कोशिश की, तो वे वापस नहीं लौट पाएंगे. भारत के पास एस400 होना चीन के लिए भी टेंशन वाली बात है.
इससे पहले शनिवार को यूक्रेनी वायु सेना ने अपने एक एफ-16 लड़ाकू विमान के खो जाने की सूचना दी. इसके बाद विमान के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए एक अंतर-विभागीय आयोग का गठन किया गया. राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने बाद में पुष्टि की कि यूक्रेनी पायलट पावेल इवानोव ‘एफ-16 लड़ाकू मिशन के दौरान’ मारा गया था और इसे मार गिराने में रूस की भूमिका का संकेत देते हुए कहा था कि हमारी मजबूत और सटीक प्रतिक्रिया होगी.
क्या S-400 से गिराया F-16
एक अन्य सूत्र ने बताया कि एफ-16 को रूसी सेना ने मार गिराया था. सूत्र ने दावा किया, ‘कुल मिलाकर, रूसियों ने विमान पर तीन मिसाइलें दागीं. यह या तो एस-400 ग्राउंड-बेस्ड सिस्टम से गाइडेड एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल थी या आर-37 एयर-टू-एयर मिसाइल थी.’ सूत्र ने जेट के नुकसान के लिए फ्रेंडली फायर को भी कारण मानने से इनकार किया, यह दावा करते हुए कि यूक्रेनी वायु रक्षा उस क्षेत्र में सक्रिय नहीं थी.
पहले भी गिरा था रूस का विमान
इससे पहले पहला विमान पिछले साल अगस्त में नष्ट हो गया था और उसका पायलट मारा गया था, लेकिन घटना की जांच की रिपोर्ट कभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई. हालांकि, कई मीडिया रिपोर्टों ने संकेत दिया कि विमान को यूक्रेनी एंटी-एयरक्राफ्ट डिफेंस द्वारा गलती से मार गिराया गया था. बेल्जियम, डेनमार्क, नीदरलैंड और नॉर्वे ने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन से ऐसा करने की अनुमति मिलने के बाद कीव को 80 एफ-16 की आपूर्ति करने का वादा किया था. हालांकि, उनमें से अधिकांश को आने में वर्षों लगेंगे. 2024 में यूक्रेन को लगभग 18 विमान मिले.