January 29, 2026
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SC 18%, OBC 25% से भी कम, तो कितनी मुस्लिमों की आबादी? आरक्षण पर सियासी भूचाल

  • April 14, 2025
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Last Updated:April 14, 2025, 07:32 IST Karnataka Caste Survey: कर्नाटक में जातिगत सर्वेक्षण के बाद आरक्षण का कोटा 50 से बढ़ा कर 75 प्रतिशत करने की बात चल

SC 18%, OBC 25% से भी कम, तो कितनी मुस्लिमों की आबादी? आरक्षण पर सियासी भूचाल

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Karnataka Caste Survey: कर्नाटक में जातिगत सर्वेक्षण के बाद आरक्षण का कोटा 50 से बढ़ा कर 75 प्रतिशत करने की बात चल रही है. सरकार इसमें 10 प्रतिशत ईडब्लूएस कोटा को जोड़ कर कुछ रिजर्वेशन का कोटा 85 प्रतिशत करने क…और पढ़ें

SC 18%, OBC 25% से भी कम, तो कितनी मुस्लिमों की आबादी? आरक्षण पर सियासी भूचाल

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कर्नाटक में जाति सर्वेक्षण और आरक्षण पर सियासी भूचाल.

हाइलाइट्स

  • कर्नाटक में आरक्षण को 75% करने का प्रस्ताव
  • मुस्लिम आरक्षण 4% से बढ़ाकर 8% करने का सुझाव
  • सर्वे के अनुसार, SC 18%, मुस्लिम 13%, वोक्कालिगा-लिंगायत 25% से कम

Karnataka Caste Survey: कर्नाटक में 2015 में किए गए जाति सर्वेक्षण की रिपोर्ट ने राज्य की सियासत में हलचल मचा दी है. इस सर्वे के अनुसार, राज्य की आबादी में अनुसूचित जाति (SC) 18% से अधिक और मुस्लिम 13% हैं, जबकि राज्य में प्रभावशाली वोक्कालिगा-लिंगायत समुदाय 25% से कम हैं. रिपोर्ट में आरक्षण की सीमा को मौजूदा 50% से बढ़ाकर 75% करने का सुझाव दिया गया है, जिसके बाद सियासी विवाद शुरू हो गया है.

सर्वे की रिपोर्ट 17 अप्रैल को एक विशेष कैबिनेट बैठक में मंत्रियों के सामने पेश की जाएगी. इस सर्वे में 5.9 करोड़ लोगों को शामिल किया गया, जो 2011 की जनगणना (6.1 करोड़) से कम है. सर्वे के मुताबिक, राज्य की 70% आबादी पिछड़े वर्ग से है. इसमें मुस्लिमों के लिए आरक्षण 4% से बढ़ाकर 8% और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए 32% से 51% करने का प्रस्ताव है. यह सर्वे बिहार के सर्वे के डेढ़ साल बाद सामने आया है, जहां जनता दल (यूनाइटेड) की सरकार ने अपनी सर्वे रिपोर्ट जारी की थी.

जाति सर्वेक्षण को मानते हैं
रिपोर्ट में 46 भाग हैं और इसमें नई वर्गीकरण प्रणाली पेश की गई है. गोल्ला, उप्पारा, मोगवीरा और कोली जैसी जातियों के लिए श्रेणी 1A बनाई गई है. वहीं, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की कुरुबा जाति को श्रेणी 2A से नई श्रेणी 1B में ट्रांसफर कर दिया गया है. सिद्धारमैया ने 2014 में इस सर्वे को शुरू किया था. उन्होंने इसे को लागू करने की प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार जाति सर्वेक्षण का समर्थन करती है. इसे बिना किसी संदेह के लागू करेंगे. यह सर्वे 95% सटीक है. उन्होंने शहरी क्षेत्रों में 94% और ग्रामीण क्षेत्रों में 98% सटीकता है.’

85% प्रतिशत रिजर्वेशन
इनके लिए क्रमशः 3A और 3B श्रेणियों में 8% और 7% आरक्षण प्रस्तावित किया गया है. SC को 17% और ST को 7% आरक्षण बरकरार रहेगा. पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण 32% से बढ़ाकर 51% करने का प्रस्ताव है. राज्य में कुल आरक्षण सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 75% तक पहुंच जाएगा. आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण जोड़ने पर यह 85% हो जाएगा. नवंबर 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने EWS कोटा को मंजूरी देते हुए कहा था कि 50% की सीमा ‘अटल या अनम्य नहीं है.’ तमिलनाडु, हरियाणा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों ने भी 50% से अधिक आरक्षण लागू किया है, लेकिन ये मामले कोर्ट में चुनौती के दायरे में हैं.

विपक्ष के हमले पर सरकार क्या बयान
विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सर्वे को ‘अवैज्ञानिक’ करार दिया है. उन्होंने कांग्रेस सरकार पर जाति पर राजनीति करने का आरोप लगाया. सर्वे के अनुसार, लिंगायत समुदाय 11.09% (66.3 लाख) और वोक्कालिगा 10.31% (61.6 लाख) हैं. रिपोर्ट के निष्कर्षों ने सियासी तूफान खड़ा कर दिया है. केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमनना ने कहा, ‘मुझे दुख है कि सिद्धारमैया इस स्तर तक गिर सकते हैं। अगर वे इस रिपोर्ट को लागू करते हैं, तो उन्हें इतिहास में खलनायक के रूप में याद किया जाएगा.’ हालांकि, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने धैर्य की सलाह दी है. उन्होंने कहा, ‘कानून मंत्री ने रिपोर्ट खोली है, अभी तक किसी विधायक या मंत्री ने इसे पूरी तरह नहीं देखाहै. कैबिनेट में विस्तृत चर्चा होगी.’

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