नई दिल्ली. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ को लेकर शुक्रवार देर बड़ा फैसला लिया. एक बार फिर टैरिफ पर ट्रंप ने यू-टर्न लिया है. रेसिप्रोकल टैरिफ को 90 दिनों के लिए रोके जाने के फैसले के बाद ट्रंप ने स्मार्टफोन, कंप्यूटर, चिप्स आदि इलेक्ट्रॉनिक्स को रेसिप्रोकल टैरिफ से छूट दी है. इस फैसले से अमेरिकी लोगों को राहत मिलेगी क्योंकि इन चीजों की कीमतें अब नहीं बढ़ेंगी. इसके अलावा इस फैसले से ऐपल और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी जैसी बड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को फायदा हो सकता है.
अमेरिका के कस्टम्स और बॉर्डर प्रोटेक्शन ने शुक्रवार देर रात कुछ चीजों को टैरिफ से छूट देने को लेकर एक नोटिस जारी किया. इसके मुताबिक, ट्रंप ने मोबाइल फोन, कंप्यूटर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान को टैरिफ से छूट दे दी है. इसका मतलब यह है कि ट्रंप की ओर से चीन पर लगाए गए 125 फीसदी के टैरिफ और बाकी देशों पर लगाए गए 10 फीसदी के टैरिफ से अब कुछ इलेक्ट्रॉनिक सामान को छूट मिल जाएगी.
सेमीकंडक्टर बनाने के काम में आने वाली मशीनों को भी छूट
छूट जिन चीजों पर लागू होगी, उनमें स्मार्टफोन, लैपटॉप, हार्ड ड्राइव, कंप्यूटर प्रोसेसर और मेमोरी चिप्स शामिल हैं. ये सारी चीजें आमतौर पर अमेरिका में नहीं बनतीं. अगर इन्हें अमेरिका में बनाना शुरू भी किया जाए, तो उसमें कई साल लग सकते हैं. इसके अलावा ट्रंप के नए टैरिफ से उन मशीनों को भी छूट दी गई है जो सेमीकंडक्टर बनाने के काम में आती हैं. इस फैसले से ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी (TSMC) जैसी कंपनियों को फायदा होगा, जो अमेरिका में बड़ा निवेश कर रही हैं. इससे दूसरे चिप बनाने वाली कंपनियों को भी राहत मिलेगी.
टैरिफ पर पहले भी लिया यू-टर्न
रेसिप्रोकल टैरिफ पर ट्रंप प्रशासन का यह पहला यू-टर्न नहीं है. इससे पहले ट्रंप ने 9 अप्रैल को एक बड़ा ऐलान करते हुए 90 दिनों के लिए भारत समेत दुनिया के ज्यादातर देशों पर लगाए गए टैरिफ को रोकने की घोषणा की थी. इन 90 दिनों के दौरान उन देशों पर 10 फीसदी का रेसिप्रोकल टैरिफ लगेगा.