6 साल के बच्चे को हत्यारा बना दिया! म्यांमार पुलिस की शर्मनाक हरकत
- June 6, 2025
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Last Updated:June 06, 2025, 23:50 IST म्यांमार में पूर्व ब्रिगेडियर जनरल की हत्या के मामले में 6 वर्षीय बच्ची सहित 16 लोगों की गिरफ्तारी ने मानवाधिकारों पर सवाल
Last Updated:June 06, 2025, 23:50 IST म्यांमार में पूर्व ब्रिगेडियर जनरल की हत्या के मामले में 6 वर्षीय बच्ची सहित 16 लोगों की गिरफ्तारी ने मानवाधिकारों पर सवाल
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म्यांमार में पूर्व सैन्य अधिकारी की हत्या में 6 साल की बच्ची गिरफ्तार. (Image:AI)
हाइलाइट्स
यांगून. म्यांमार से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां देश की सैन्य सरकार ने एक रिटायर उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी की हत्या के मामले में एक 6 वर्षीय बच्ची सहित 16 लोगों को गिरफ्तार किया है. यह घटना न सिर्फ मानवाधिकारों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही है, बल्कि म्यांमार की बिगड़ती राजनीतिक और सामाजिक स्थिति की भी गवाही देती है.
22 मई को म्यांमार के सबसे बड़े शहर यांगून के मायांगून टाउनशिप में 68 वर्षीय पूर्व ब्रिगेडियर जनरल चो टुन आंग की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. उस समय वे अपने पोते के साथ टहल रहे थे. खुद को ‘गोल्डन वैली वॉरियर्स’ बताने वाले एक विद्रोही संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी.
सरकारी अखबार ‘ग्लोबल न्यू लाइट ऑफ म्यांमार’ के अनुसार, इस हत्या के मामले में 23 से 29 मई के बीच 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इन 16 में 13 पुरुष, 3 महिलाएं और एक 6 वर्षीय लड़की शामिल है. बताया जा रहा है कि यह बच्ची कथित हमलावर म्यो को को की बेटी है. सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची और उसके माता-पिता को म्यांमार के केंद्रीय शहर बागान से हिरासत में लिया गया. इस गिरफ्तारी ने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों को चिंता में डाल दिया है, क्योंकि एक मासूम बच्ची को ऐसे गंभीर मामले में शामिल करना न केवल कानून का दुरुपयोग है, बल्कि नैतिक रूप से भी अस्वीकार्य है.
गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों में एक निजी अस्पताल का मालिक भी है, जिस पर आरोप है कि उसने हमलावर को इलाज दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक, गोली चलाने वाले को हमले के दौरान खुद भी गोली लगी थी.
2021 में सेना द्वारा आंग सान सू की की लोकतांत्रिक सरकार को हटाने के बाद से म्यांमार गृहयुद्ध जैसे हालातों में घिरा है. विद्रोही समूह लगातार सेना और उससे जुड़े लोगों पर हमले कर रहे हैं. गोल्डन वैली वॉरियर्स ने कहा कि चो टुन आंग म्यांमार के राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज में आतंकवाद निरोध का प्रशिक्षण देते थे और सेना के अत्याचारों से सीधे जुड़े हुए थे.
म्यांमार की सेना पर पहले से ही नागरिकों पर बमबारी, गांव जलाने और सैकड़ों लोगों की हत्या जैसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप हैं. अब एक छोटी बच्ची की गिरफ्तारी इस सूची में और एक काली स्याही जोड़ रही है.
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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