2 बीघा में उगाई हल्दी, बनाया पाउडर और कमा लिए 1.42 लाख! जानिए कैसे
- May 5, 2025
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Last Updated:May 05, 2025, 14:18 IST Haldi ki kheti: भावनगर के किसान बाघाभाई चुडासमा ने प्राकृतिक खेती अपनाकर हल्दी का पाउडर बनाना शुरू किया. आम के बाग में
Last Updated:May 05, 2025, 14:18 IST Haldi ki kheti: भावनगर के किसान बाघाभाई चुडासमा ने प्राकृतिक खेती अपनाकर हल्दी का पाउडर बनाना शुरू किया. आम के बाग में
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हल्दी खेती
भावनगर जिले के महुवा तालुका के गलथर गांव के किसान बाघाभाई चुडासमा आजकल चर्चा में हैं. उन्होंने रासायनिक खेती छोड़कर पूरी तरह से प्राकृतिक खेती को अपनाया है. तीन साल से वे इसी पद्धति से खेती कर रहे हैं और खास बात यह है कि वे केवल खेती नहीं करते, बल्कि अपनी फसल का मूल्य संवर्धन कर उसे सीधे ग्राहकों तक पहुंचाते हैं.
आम के बाग में उगा रहे हल्दी
बाघाभाई ने अपने आम के बाग में हल्दी की खेती शुरू की. वे हल्दी के पौधों के बीच दो फीट की दूरी रखते हैं ताकि पौधों को पर्याप्त जगह मिल सके. वे रासायनिक खाद या कीटनाशक का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करते. इसके बजाय वे ‘जीवामृत’ और ‘घनजीवामृत’ जैसे देसी जैविक उर्वरकों का उपयोग करते हैं. इस साल भी उन्होंने दो बीघा जमीन में हल्दी उगाई है.
पाउडर बनाकर बढ़ाई कमाई
हल्दी की कटाई के बाद वे उसे सीधे नहीं बेचते, बल्कि पहले दो दिनों तक पंखे के नीचे और फिर दो-तीन दिनों तक धूप में सुखाते हैं. इसके बाद उसमें ‘मदर कंद’ मिलाते हैं जिससे उसका रंग और सुगंध बरकरार रहती है. फिर घर पर ही पिसाई करके हल्दी का पाउडर बनाते हैं और पैक करते हैं. वे 500 ग्राम और 1 किलो के पैक में हल्दी बेचते हैं.
बिना बिचौलिए, सीधे ग्राहकों तक
बाघाभाई अपने उत्पादों को खुद अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और आसपास के गांवों में ले जाकर बेचते हैं. इस तरह न तो उन्हें बिचौलियों से परेशानी होती है और न ही फसल का सही दाम मिलने में दिक्कत होती है. इससे उनकी आमदनी में बड़ा इजाफा हुआ है.
कम लागत, ज्यादा मुनाफा
पिछले साल उन्होंने दो बीघा जमीन से 1,42,000 रुपये की आमदनी की थी. इस साल भी उतने ही उत्पादन की उम्मीद है. प्राकृतिक खेती के कारण लागत कम होती है और हल्दी के पाउडर को पैक कर बेचने से मुनाफा कई गुना बढ़ जाता है.
