1500 टूरिस्टों की अटकी जान, एक तरफ लैंडस्लाइड तो दूसरी तरफ नदियों में उफान
- June 1, 2025
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Last Updated:June 01, 2025, 05:22 IST Sikkim Heavy Rain: पूर्वोत्तर में इन दिनों प्रकृति जमकर कहर बरपा रही है. मानसून के एक्टिव होने के बाद से ही नॉर्थईस्ट
Last Updated:June 01, 2025, 05:22 IST Sikkim Heavy Rain: पूर्वोत्तर में इन दिनों प्रकृति जमकर कहर बरपा रही है. मानसून के एक्टिव होने के बाद से ही नॉर्थईस्ट
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नॉर्थ सिक्किम में 1500 टूरिस्ट जहां तहां फंस हुए हैं. इंफाल में बाढ़ से गंभीर स्थिति पैदा हो गई है. (फोटो: पीटीआई)
हाइलाइट्स
गंगटोक (सिक्किम). दक्षिण पश्चिम मानसून के एक्टिव होने के बाद से पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न राज्यों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. असम से लेकर मणिपुर तक बाढ़ के हालात बने हुए हैं. सिक्किम में भी भारी बरसात से हालात बेहद खराब हो चुके हैं. लैंडस्लाइड और नदियों में उफान ने पहाड़ी राज्य में स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कुछ दिनों पहले ही नॉर्थईस्ट में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया था. IMD की यह भविष्यवणी 16 आने सच साबित हुई है. लगातार बारिश से सिक्किम में लैंडस्लाइड होने की वजह से विभिन्न रूट को जोड़ने वाली सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई हैं. इस वजह से आवाजाही पूरी तरह से ठप हो गई है. पहले खबर आई थी कि नॉर्थ सिक्किम में 500 टूरिस्ट फंस गए हैं. स्थानीय प्रशासन ने अपडेट देते हुए कम से कम 1500 पर्यटकों के जहां-तहां फंसने की बात कही है. दूसरी तरफ, नदियों का जलस्तर बढ़ने हालात और भी गंभीर बन गए हैं.
सिक्किम के उत्तर जिले में लगातार भारी बारिश और लैंडस्लाइड के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं. शनिवार को जिला प्रशासन ने जानकारी दी कि लगभग 1,500 पर्यटक लाचेन और लाचुंग क्षेत्रों में फंसे हुए हैं, क्योंकि भूस्खलनों के चलते मुख्य सड़कों का संपर्क टूट गया है. मंगलवार रात मंगन जिले में एक पर्यटक वाहन के तीस्ता नदी में गिर जाने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, दो घायल हुए और आठ अब भी लापता हैं. यह हादसा मुनसिथांग के पास लाचेन-लाचुंग हाईवे पर हुआ, जहां वाहन लगभग 1,000 फीट नीचे नदी में गिर गया. मंगन के पुलिस अधीक्षक सोनम डेचु भूटिया ने बताया कि लाचेन में 115 और लाचुंग में 1,350 पर्यटक फंसे हुए हैं. उन्होंने बताया कि दोनों दिशाओं से रास्ते बंद हैं. पर्यटकों को उनके होटलों में ही रहने की सलाह दी गई है. रास्ते साफ होते ही उन्हें सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जाएगा.
भारी बारिश के कारण बचाव अभियान में भी बाधा आई है. शुक्रवार दोपहर से बाधित बिजली आपूर्ति शनिवार शाम को बहाल कर दी गई, जबकि पेयजल की आपूर्ति को रविवार तक बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है. मोबाइल नेटवर्क भी लगभग 24 घंटे बाद दोपहर 3 बजे के आसपास बहाल किया गया. चुंगथांग उपखंड में वर्षा की तीव्रता सबसे अधिक रही. तीस्ता नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जिससे बचाव कार्य और जटिल हो गए हैं. जिला कलेक्टर अनंत जैन खुद घटनास्थल पर मौजूद हैं और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तीव्र बारिश और उफनती तीस्ता नदी के चलते लापता आठ पर्यटकों की खोज अस्थायी रूप से रोक दी गई है. उन्होंने बताया कि मौसम में सुधार होने पर खोज दोबारा शुरू की जाएगी.

बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
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