10 मैच हारने वाली CSK टीम को किसने ज्यादा रुलाया, क्या तुक्के से मिली 4 जीत?
- May 27, 2025
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Last Updated:May 27, 2025, 18:47 IST किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स सीजन 18 में 10 मैच हार
Last Updated:May 27, 2025, 18:47 IST किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि 5 बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स सीजन 18 में 10 मैच हार
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IPL सीजन 18 में चेन्नई सुपर किंग्स 14 में से 10 मैच हार गई
हाइलाइट्स
नई दिल्ली. बड़ी पुरानी कहावत है कि जो समय के साथ अपने आपको नहीं बदलता और उसके साथ नहीं चलता तो वो पीछे छूट जाता है. ये बात आम जीवन पर लागू होती है और खेल के मैदान पर भी. आईपीएल भी इससे अछूता नहीं रहा. और जो टीमें समय के साथ अपने आपको बदलती गई वो पिछले दो सीजन से टॉप 4 में अपने आपको बनाए रखा वहीं जो घिसे-पिटे रिकॉर्ड बजाती रही वो जीत के लिए तरसती रही. ऐसी टीम में एक नाम सबसे उपर है चेन्नई सुपर किंग्स का.
5 बार की IPL चैंपियन टीम चेन्नई सुपर किंग्स सीजन 18 में भी प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए तरसती नजर आई. आईपीएल 2025 की बात करें तो CSK 14 मैचों में सिर्फ 4 जीत दर्ज कर पाई और पॉइंट्स टेबल में अंतिम स्थान पर रही. सीजन के बीच में ही कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ इंजर्ड हो गए थे, उनकी जगह एमएस धोनी ने बाकी मुकाबलों के लिए कमान संभाली पर टीम के प्रदर्शन में कोई सुधार देखने को नहीं मिला. पूरी टीम का विशलेषण करेंगें तो पांच वो चेहरे सामने आएंगे जो चेन्नई की नाव में सुराख कर गए.
फ्लेमिंग का फॉर्मूला फेल
2009 से चेन्नई सुपर किंग्स की कोचिंग की बागडोर संभाल रहे कोच स्टीफन का हर दांव इस आईपीएळ में उल्टा पड़ा. टी-20 के बदलते स्वरूप के साथ सामंजस्य ना बिठा पाना फ्लेमिंग के हर फॉर्मूले को फेल करता चला गया. फिर वो चाहे ऑक्शन की बात हो , सहीं खिलाड़ियों को चुनाव हो या, उपलब्ध संसाधन के साथ नई रणनीति बनाना हो. टीम की रणनीति और उससे जुड़े खिलाड़ी इतने खराब थे कि अपने घऱ में चेन्नई कई मैच हार गई वो किला जो इससे पहले अभेद था वो इस सीजन में तार-तार हो गया.
धोनी की कप्तानी हो गई पुरानी
हार का कारण बनने वाली लिस्ट में दूसरा नाम एमएस धोनी का है. आईपीएल 2025 में धोनी ने 14 मैचों में सिर्फ 196 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट भी सिर्फ 135 का रहा. धोनी कई बार ऐसे मौकों पर बैटिंग करने आए, जहां से तेज खेलकर वो टीम की जीत सुनिश्चित कर सकते थे. उदाहरण के तौर पर RCB के खिलाफ मैच में चेन्नई को आखिरी ओवर में 15 रनों की जरूरत थी. धोनी अपने पुराने अंदाज की तरह शॉट्स में टाइमिंग दिखा ही नहीं पाए, नतीजन चेन्नई 2 रनों से मैच हार गई. इतना ही नहीं समय- समय पर ऐसा लगा कि धोनी टी-20 की डिमांड के हिसाब से कप्तानी भी नहीं कर पा रहे और कई गलत फैसलों की वजह से टीम की लुटिया डूब गई.
विदेशी खिलाड़ी निकले अनाड़ी
बहुत उम्मीदों के साथ रचिन रवींद्र को चेन्नई टीम के साथ जोड़ा गया था पर सीजन 18 के पहले मुकाबले से ही वो कंफ्यूज नजर आए. रचिन ने 2024 में उन्होंने 10 मैचों में 222 रन बनाकर प्रभावित किया था, लेकिन इस बार वो 8 मैचों में 181 रन बना पाए और पूरे सीजन में सिर्फ एक फिफ्टी लगाई. ‘जूनियर मलिंगा’ कहे जाने वाले मथीशा पाथिराना ने 12 मैचों में 19 विकेट चटकाकर CSK को IPL 2023 का खिताब जिताने में बड़ा योगदान दिया था. उससे अगले साल यानी 2024 में भी उन्होंने गजब का प्रदर्शन किया था. मगर IPL 2025 के 12 मैचों में उन्होंने 13 विकेट लिए हैं. पाथिराना ने 10.14 के इकॉनमी रेट से रन लुटाए और कई मैचों में उनकी वाइड गेंदों ने मैच का रुख बदल दिया. कुछ ऐस ही हाल, कॉनवे और बाकी विदेशी खिलाड़ियों का रहा.
डोमेस्टिक क्रिकेटर का डिब्बा गोल
चेन्नई सुप किंग्स ने दीपक हुड्डा को 1.70 करोड़ रुपये में खरीदा था, लेकिन सीजन में खेले 7 मैचों में वो सिर्फ 31 रन बना पाए. दूसरी ओर राहुल त्रिपाठी ने शुरुआती मैचों में CSK के लिए ओपनिंग की थी, लेकिन उनके बल्ले से 5 मैचों में सिर्फ 55 रन निकले. ये दोनों ही खिलाड़ी उम्मीद अनुसार प्रदर्शन नहीं कर पाए. आर अश्निन और रवींद्र जडेजा का हाल भी बेहाल ही रहा. बाएं हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज शिवम दुबे के लिए आईपीएल 2025 सीजन ठीकठाक रहा, जिसमें उन्होंने 32.45 के औसत से 357 रन बनाए हैं. रनों के मामले में यह उनका तीसरा सर्वश्रेष्ठ सीजन भी है, लेकिन एमएस धोनी की तरह वो अहम मौकों पर अपना विकेट गंवाते रहे. साफ शब्दों में कहें तो दुबे एक फिनिशर का रोल अदा नहीं कर पाए. कुल मिलाकर एक बात तो साफ है कि आज की टी-20 की डिमांड के हिसाब से चेन्नई टीम चुन नहीं पाई जिसकी वजह से सीजन 18 से उनको शर्मनाक तरीके से रुखसत होना पड़ा.
