₹5 का कुरकुरे बेच पढ़ाया, बेटी ने टॉप करके लौटाया हर कर्ज, आंखें नम कर देगी…
- May 6, 2025
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“छोटे से घर से बड़ा सपना”…इस लाइन को यदि किसी ने साकार किया है, तो वह हैं तन्वी रामचंद्र मोठे, जिन्होंने MP Board 10वीं परीक्षा 2025 में 500
“छोटे से घर से बड़ा सपना”…इस लाइन को यदि किसी ने साकार किया है, तो वह हैं तन्वी रामचंद्र मोठे, जिन्होंने MP Board 10वीं परीक्षा 2025 में 500
“छोटे से घर से बड़ा सपना”…इस लाइन को यदि किसी ने साकार किया है, तो वह हैं तन्वी रामचंद्र मोठे, जिन्होंने MP Board 10वीं परीक्षा 2025 में 500 में से 488 अंक (97.6%) प्राप्त कर अपने जिले में प्रथम स्थान हासिल किया है.
लेकिन यह सिर्फ परीक्षा में टॉप करने की कहानी नहीं है. यह हौसले, संघर्ष और सामाजिक सहयोग की एक ऐसी मिसाल है जो बताती है कि अगर बेटियों को मौके मिलें, तो वे किसी भी ऊंचाई को छू सकती हैं.
जब पिता का ऑटो थमा, फिर भी बेटी की उड़ान नहीं रुकी
तन्वी के पिता रामचंद्र मोठे पहले एक ऑटो चालक थे. लेकिन एक गंभीर सड़क दुर्घटना में उनका एक पैर कट गया, जिससे उनका काम छूट गया. उन्होंने हार नहीं मानी और अब कुरकुरे-नमकीन की एक छोटी दुकान चलाकर अपने परिवार को संभाल रहे हैं.
उनकी एक ही जिद थी…”बेटियों की पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए.”
विद्यालय, समाज और गुरुजन बने सपने के पंख
सरस्वती शिशु मंदिर, कल्याणगंज की प्राचार्य शोभा तोमर और सत्यनारायण जी ने तन्वी की प्रतिभा को पहचाना और उसकी पढ़ाई की पूरी जिम्मेदारी ली.
विद्यालय ने फीस से लेकर शैक्षणिक सहयोग तक हर मोर्चे पर तन्वी के साथ खड़े होकर उसका आत्मविश्वास बनाए रखा.
समाजसेवी राजेंद्र अग्रवाल ने तन्वी की पढ़ाई का खर्च उठाया. भूपेंद्र सिंह चौहान, विद्यालय के प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य, ने कहा:
“यह सिर्फ तन्वी की नहीं, पूरे जिले की जीत है. यह उस सोच की जीत है जो कहती है कि अगर समाज और स्कूल मिलकर किसी प्रतिभा को आगे बढ़ाना चाहें, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता.”
अब सपना कलेक्टर बनना और समाज के लिए काम करना
तन्वी का सपना अब स्पष्ट है कलेक्टर बनना और उन्हीं जरूरतमंदों की मदद करना, जैसी उसे मिली.
वह कहती है, “मैं नहीं चाहती कि कोई और बच्ची सिर्फ इसलिए पीछे रह जाए क्योंकि उसके पास साधन नहीं हैं. मुझे जो सहयोग मिला, मैं भी दूसरों को देना चाहती हूं.”
