हाय रे किस्मत! IPL में 52 गेंदों पर जड़ा शतक, टीम इंडिया में नहीं मिला मौका

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IPL Paul Valthaty: पॉल वल्थाटी ने 2011 के IPL में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए 63 गेंदों में नाबाद 120 रन बनाए, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में मौका नहीं मिला. चोट और खराब प्रदर्शन के कारण उनका करियर गुमनामी में चला ग…और पढ़ें

साल 2011 के IPL में वल्थाटी ने ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी की (फोटो- IPL/BCCI)
हाइलाइट्स
- पॉल वल्थाटी ने 2011 IPL में 63 गेंदों में नाबाद 120 रन बनाए.
- शानदार प्रदर्शन के बावजूद वल्थाटी को भारतीय टीम में मौका नहीं मिला.
- चोट और खराब प्रदर्शन के कारण वल्थाटी का करियर गुमनामी में चला गया.
नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) ऐसा फॉर्मेट है जिसने कई खिलाड़ियों को रातों-रात स्टार बना दिया और उन्हें मालामाल कर दिया. 2008 में जब महेंद्र सिंह धोनी को साढ़े 9 करोड़ रुपये में खरीदा गया था, तो यह किसी सनसनी से कम नहीं था. 18 साल बाद यह रकम 27 करोड़ तक पहुंच चुकी है. IPL ने कई खिलाड़ियों को इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचने का मंच दिया, खासकर भारत में, जहां चयनकर्ता इस लीग में प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों को टीम इंडिया में मौका देने लगे.
लेकिन हर खिलाड़ी की किस्मत इतनी अच्छी नहीं रही. कुछ ऐसे भी रहे जिन्होंने IPL में शतक जड़ा, लेकिन फिर भी उन्हें कभी इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलने का मौका नहीं मिला. ऐसा ही एक नाम है पॉल वल्थाटी.
साल 2011 के IPL में वल्थाटी ने अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाज़ी से क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी थी. किंग्स इलेवन पंजाब की ओर से खेलते हुए उन्होंने मोहाली के मैदान पर 63 गेंदों में नाबाद 120 रन बनाए थे. इस पारी में उन्होंने 19 चौके और 2 छक्के जड़े, और 190 की स्ट्राइक रेट से रनों की बारिश कर दी. पॉल वल्थाटी ने 52 गेंदों पर शतक ठोका था. लेकिन इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद वल्थाटी को कभी भी भारतीय टीम में जगह नहीं मिल पाई.
IPL में दमदार प्रदर्शन, फिर भी गुमनामी
2011 के आईपीएल में वल्थाटी ने 14 मैचों में 35.61 की औसत और 136.98 के स्ट्राइक रेट से 463 रन बनाए. लेकिन 2013 में वह बुरी तरह फ्लॉप रहे और 6 पारियों में एक बार भी दहाई का आंकड़ा नहीं छू सके. इसके बाद किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें ड्रॉप कर दिया. लगातार खराब प्रदर्शन के कारण 2014 के बाद से वह नीलामी में अनसोल्ड रह गए और IPL में उनका सफर खत्म हो गया.
एक चमकदार पारी के बाद क्रिकेट से गायब
IPL में शतक लगाना हर बल्लेबाज के लिए एक बड़ी उपलब्धि होती है, खासकर जब 2011 के दौर में टी20 क्रिकेट में इतनी विस्फोटक बल्लेबाज़ी आम नहीं थी. लेकिन वल्थाटी की कहानी यह साबित करती है कि सिर्फ एक पारी किसी खिलाड़ी का करियर नहीं बदल सकती. IPL में एक धमाकेदार शतक के बावजूद, उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में कभी मौका नहीं मिला, और उनका करियर धीरे-धीरे गुमनामी में चला गया.
चोट बनी सबसे बड़ी रुकावट
पॉल वल्थाटी को 2002 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेलने का मौका मिला था. इस टीम में इरफान पठान और पार्थिव पटेल जैसे खिलाड़ी भी शामिल थे. लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ एक मैच में उनकी आंख में गंभीर चोट लग गई, जिसके चलते वह लंबे समय तक क्रिकेट से दूर हो गए.
आईपीएल में ऐसे मिला मौका
इसके बाद, वह मुंबई की सीनियर टीम में अपनी जगह नहीं बना सके. राजस्थान रॉयल्स ने 2009 में उन पर दांव लगाया, जहां उन्हें कुछ मैच खेलने का मौका मिला. बाद में मुंबई की टी20 टीम में उन्होंने कुछ शानदार पारियां खेलीं, जिससे 2011 में किंग्स इलेवन पंजाब ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया.
