सांप ने डसा, सांसें थमीं… लेकिन पाली के डॉक्टरों ने सात दिन में मौत को दी मात
- July 15, 2025
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Last Updated:July 15, 2025, 21:47 IST Pali News: पाली में 13 साल के उदय सिंह को सांप ने काटा, बांगड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने सात दिन तक वेंटिलेटर
Last Updated:July 15, 2025, 21:47 IST Pali News: पाली में 13 साल के उदय सिंह को सांप ने काटा, बांगड़ अस्पताल के डॉक्टरों ने सात दिन तक वेंटिलेटर
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हाइलाइट्स
13 साल के मासूम को सांप ने डस लिया तो रोते-बिलखते परिजन उसे बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे. हालत इतनी नाजुक थी कि बचाना बेहद मुश्किल लग रहा था. लेकिन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने उसे वेंटिलेटर पर रखा और लगातार सात दिन तक सौ से ज्यादा इंजेक्शन लगाए. बच्चे की हालत धीरे-धीरे सुधरी और आखिरकार उसे छुट्टी दे दी गई. यह बच्चा मध्य प्रदेश के भोपाल के थम्पू क्षेत्र का निवासी उदय सिंह है जो पाली के जवाली गांव में अपने परिजनों के साथ आया हुआ था.
न्यूरोपैनेटिक स्नेक बाइट, बेहद नाजुक हालत
बांगड़ हॉस्पिटल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ परेश दवे ने बताया कि यह न्यूरोपैनेटिक टाइप का स्नेक बाइट था. बच्चे को आते ही ट्रॉमा में लिया गया और वेंटिलेटर पर रखा गया. तुरंत एंटी स्नेक वेनम और अन्य दवाएं देना शुरू की गईं. समय-समय पर दवा की खुराक और समय का अंतराल बढ़ाया गया. यही रणनीति काम आई और बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हो गया. इलाज में डॉ रफीक कुरैशी और डॉ एसएन स्वर्णकार ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. शुरुआत में हर 15 मिनट पर बच्चे को इंजेक्शन दिए गए. फिर हर आधे घंटे, हर दो घंटे, चार घंटे और फिर छह घंटे में इंजेक्शन दिए गए. कुल मिलाकर बच्चे को सौ से अधिक इंजेक्शन और दवाएं दी गईं. तब जाकर उसे मौत के मुंह से बाहर निकाला जा सका.
PICU टीम ने निभाई भगवान जैसी भूमिका
इस कठिन समय में PICU वार्ड की पूरी टीम ने एकजुट होकर काम किया. टीम में यूनिट हेड डॉ रफीक कुरैशी, डॉ एसएन स्वर्णकार, डॉ परेश दवे के अलावा डॉ समीर, डॉ अंकुर, हेमलता कटारिया, नरेन्द्र चौहान, कुंदन, अभिमन्यु मौर्य, सुजाराम, कुलदीप गोयल, हितेश, डॉ हिमानी, कैलाश कुमार मोहित और कुलदीप मेवाड़ा शामिल थे. इन सभी की लगातार मेहनत और समर्पण की वजह से ही एक मासूम की जान बच सकी.
