सपने में आते थे पिता, बताई 7 साल पुरानी बात, घर छोड़कर निकला बेटा, 9 माह बाद..
- April 24, 2025
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Last Updated:April 24, 2025, 08:38 IST Ajab Gajab News: मध्य प्रदेश के सागर में एक शख्स साइकिल से जाता दिखा. उसने काफी सामान लाद रखा था. तिरंगा भी
Last Updated:April 24, 2025, 08:38 IST Ajab Gajab News: मध्य प्रदेश के सागर में एक शख्स साइकिल से जाता दिखा. उसने काफी सामान लाद रखा था. तिरंगा भी
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हाइलाइट्स
सागर: सूरत के रहने वाले एक बेटे की कहानी सुनकर हर कोई स्तब्ध रह जाता है. फिर उसके काम को देखकर लोग श्रद्धा से सिर भी झुका देते हैं. दरअसल, ये शख्स भारत भ्रमण पर निकला है और इसकी वजह उसके स्वर्गीय पिता हैं. सूरत के रहने वाले देवी सिंह अब तक 17,000 किलोमीटर की यात्रा कर चुके हैं. देवी सिंह के अनुसार, उनके पिता नागजी सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के थे. उनके पास 8 बीघा जमीन थी और खेती-बाड़ी कर परिवार चलाते थे.
जब बच्चे बड़े हो गए, तो उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की यात्रा साइकिल से करने का संकल्प लिया, लेकिन यात्रा शुरू होने से 2 महीने पहले उनका निधन हो गया. इसके सात साल बाद स्वर्गवासी पिता सपने में आने लगे. बार-बार सपने में आकर संकल्प याद दिलाते. उन्होंने अपने भाइयों से इसका जिक्र किया, लेकिन दोनों भाई शादी का हवाला देकर टाल देते थे. ऐसे में देवी सिंह ने खुद ही इस संकल्प को पूरा करने का मन बनाया और घर से निकल पड़े. अब तक 8 ज्योतिर्लिंग और उत्तराखंड क्षेत्र के धामों की यात्रा कर चुके हैं.
पिता जी रोज जाते थे मंदिर
देवी सिंह ने आगे बताया, पिता जी शुरू से ही धार्मिक प्रवृत्ति के थे. वह साइकिल से चलकर अपने गांव और आसपास के मंदिरों में रोजाना जाया करते थे. इसी दौरान उन्होंने 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की यात्रा करने का संकल्प लिया था, जिसकी चर्चा वह घर और गांव में करते थे. तीर्थ यात्रा पर निकलने से एक महीने पहले उनका स्वर्गवास हो गया. इस घटना को 7 साल हो गए.
सपने में कहते..यात्रा पर जाओ
आगे बताया, फिर मुझे सपने आने लगे कि 12 ज्योतिर्लिंग की यात्रा करो. मैंने भाइयों को बताया, लेकिन उनकी शादी हो गई तो वे नहीं जा सके. मेरी शादी नहीं हुई, इसलिए सभी घरवालों की सहमति से मैं 12 ज्योतिर्लिंग और चार धाम की यात्रा पर निकला. अभी तक 17,000 किलोमीटर की यात्रा कर चुका हूं. 9 महीने से चल रहा हूं. पूरी यात्रा करने में लगभग डेढ़ साल का समय और लगेगा.
पिता के लिए घर छोड़ा..
28 साल के देवी सिंह गुजरात के सूरत जिले के नौसरी के रहने वाले हैं. वह तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं. देवी सिंह मजदूरी का काम करते थे और अपने पैतृक जमीन को भी संभालते थे. लेकिन, पिता के संकल्प को पूरा करने के लिए वह परिवार को छोड़कर यात्रा पर हैं.
