श्रीनगर-माता वैष्णो देवी कटड़ा रेल लाइन कब होगी शुरू? जानें समय बनाइए प्लान
- April 21, 2025
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Last Updated:April 21, 2025, 08:52 IST Srinagar Katra Vande Bharat new date- श्रीनगर से कटड़ा के बीच चलने चलने वाली ट्रेन का सभी को इंतजार है. पहले इसका
Last Updated:April 21, 2025, 08:52 IST Srinagar Katra Vande Bharat new date- श्रीनगर से कटड़ा के बीच चलने चलने वाली ट्रेन का सभी को इंतजार है. पहले इसका
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19अप्रैल को होना था इसका उद्घाटन.
हाइलाइट्स
नई दिल्ली. श्रीनगर-माता वैष्णो देवी के बीच ट्रेन शुरू का लोगों को लंबे समय से इंतजार है. इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा, जिन्हें माता के दर्शन के बाद श्रीनगर घूमने जाना होगा.क्योंकि श्रीनगर तक का सफर ट्रेन से हो सकेगा. पहले इसका उद्घाटन 19 अप्रैल को होना था, लेकिन उस बीच मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए इसका कार्यक्रम आगे बढ़ा दिया गया है. इसके उद्घाटन की संभावित डेट भी आ गयी है. आप भी जानें.
भारतीय रेल के सूत्रों के अनुसार श्रीनगर से कटड़ा के बीच ट्रेन चलने को पूरी तरह से तैयार है. वहां पर चलने वाली ट्रेन से लेकर शेड्यूल सभी कुछ फाइनल हो चुका है. अब अप्रैल के बजाए संभावित डेट मई बताई जा रही है. हालांकि मई में क्या डेट होगी, यह अभी तय नहीं हुआ. चूंकि यह रेल लाइन कश्मीर ही नहीं पूरे देश के लिए बड़ी उपलब्धि है. इसलिए संभावना है कि प्रधानमंत्री इसका इस नई रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे.
पहले दिन दो ट्रेन दौड़ेंगी
भारतीय रेल मंत्रालय के अनुसार पहले दिन एक नहीं दो-दो वंदेभारत चलेंगी. एक ट्रेन श्रीनगर से और दूसरी कटरा से चलेगी. यह सफर अपने आप में खास होगा, क्योंकि यात्रा के दौरान विश्व के सबसे ऊंचे ब्रिज से ट्रेन गुजरेगी.
आधे समय में पूरा होगा सफर
श्रीनगर से माता वैष्णो देवी का सफर 272 किमी. लंबा होगा, ट्रेन 3.15 घंटे में सफर पूरा करेगी. अभी सड़क मार्ग से जाने आने में करीब सात घंटे का समय लग जाता है. इस तरह आधे समय में सफर पूरा होगा. शुरू में केवल एक वंदेभारत चलेगी. यात्रियों की संख्या बढ़ते ही ट्रेनों का संख्या भी बढ़ाई जाएगी.
घाटी के लिए स्पेशल वंदेभारत
घाटी में माइनस तापमान में चलने के लिए वंदेभारत भी खास डिजाइन की गयी है. जो हीटिंग सिस्टम से लैस है, ट्रेन में सिलिकॉन हीटिंग पैड लगे हैं, जिससे पानी की टंकियों और बायो-टॉयलेट टैंकों को जमने नहीं देगा, साथ ही ओवरहीट प्रोटेक्शन सेंसर सुरक्षा से लैस है. ट्रेन माइनस तापमान चलने के बाद पानी जमेगा नहीं. हीटर लगे हैं, जिससे यात्रियों को गर्म हवा मिलती रहेगी. ट्रेन में लगा ऑटो-ड्रेनिंग मैकेनिज्म सिस्टम प्लंबिंग लाइनों में ड्रेनिंग सिस्टम लगे होते हैं, जिससे पानी जम नहीं पाएगा.
