विदेशी फूलों से सजा बाबा श्याम दरबार, देखने वालों की टिकी रह गई नजर

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Khatu Shyam Temple: पाली में अग्रसेन वाटिका में बाबा श्याम का 24वां वार्षिकोत्सव मनाया गया, जिसमें 1100 किलो विदेशी फूलों से सजावट की गई. कोलकाता के कारीगरों ने राज महल की तर्ज पर सजावट की.

राज महल की तरह 1100 किलो विदेशी फूलों से सजा खाटू श्याम का दरबार
हाइलाइट्स
- पाली में खाटू श्याम का 24वां वार्षिकोत्सव मनाया गया
- 1100 किलो विदेशी फूलों से बाबा श्याम का सजाया गया दरबार
- भक्ति संध्या में कोलकाता के गायकों ने भजनों से किया मंत्रमुग्ध
पाली. 1100 किलो विदेशी फूलों से सजी सजावट और राज महल में विराजमान बाबा श्याम, ऐसा नजारा मानो खाटू नगरी से बाबा स्वयं वहां विराजमान हों और सभी को आकर्षक दर्शन दे रहे हों. पाली शहर के अग्रसेन वाटिका में ऐसा ही दृश्य देखने को मिला जब श्री श्याम प्रभु खाटू वाले का 24वां वार्षिकोत्सव मनाया गया. कोलकाता से आए कारीगरों ने बाबा श्याम के दरबार को राज महल की तर्ज पर सजाया, जो सभी के लिए आकर्षण का केंद्र रहा. आर्टिफिशियल काजू, बादाम, गोल्डन शीट और स्टोन का वर्क किया गया, जो श्रद्धालुओं को बहुत पसंद आया.
11 किलो देशी-विदेशी फूलों से सजा दरबार
पाली शहर के चादर वाले बालाजी मंदिर के पास स्थित अग्रसेन वाटिका में रविवार शाम को श्री श्याम मित्र मंडल पाली द्वारा श्री श्याम प्रभु खाटू वाले का 24वां वार्षिकोत्सव मनाया गया. यहां खाटू वाले श्याम की करीब 1100 किलो देशी और विदेशी फूलों से मनमोहक झांकी सजाई गई. कोलकाता से आए कारीगरों ने बाबा का आकर्षक दरबार राज महल की तर्ज पर तैयार किया. इसमें आर्टिफिशियल काजू, बादाम, गोल्डन शीट और स्टोन का वर्क किया गया.
कोलकाता के गायकों ने अपने श्याम गीतों से किया मंत्रमुग्ध
श्रद्धालु खाटू वाले बाबा के दर्शन कर सेल्फी और फोटो लेते नजर आए. इस मौके पर खाटू श्याम की आरती के बाद उन्हें 56 भोग का प्रसाद चढ़ाया गया. रात आठ बजे से भक्ति संध्या आयोजित हुई, जिसमें कोलकाता से आए भजन गायक निहाल ठकराल ने ‘भूलू ना कभी नाम तुम्हारा…’, ‘जी कर रहा है आप पे जान वार दूं…’, ‘सजने का है शौकीन…’, ‘मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है’ जैसे भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.
जयपुर से आई टीम ने चंग की थाप पर मचाया धमाल
जयपुर से आए चैतन्य दाधीच और उनकी टीम ने चंग की थाप और बांसुरी की धुन में बाबा श्याम के भजनों की धमाल छेड़ दी. इस दौरान कई श्रोता भाव विभोर होकर नाचने लगे. दाधीच ने ‘थे ही हो म्हारा मां और बाप…’, ‘कीर्तन की हैं रात…’, ‘म्हारा सांवरा सरकार…’, ‘मेंहदी तेरे दर पे आके…’ जैसे भजनों की प्रस्तुति दी, जिसमें सभी श्याम प्रेमियों ने झूमकर खाटू श्यामजी जैसा माहौल बना दिया.
