वायरिंग से फायर अलार्म तक…दिल्ली में सरकारी इमारत की होगी जांच, जानिए क्यों?

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दिल्ली सरकार ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच का निर्देश दिया है. पीडब्ल्यूडी द्वारा 15 अप्रैल तक ऑडिट पूरा कर रिपोर्ट सौंपी जाएगी.

दिल्ली में हर सरकारी इमारत की फायर सेफ्टी के पहलू से जांच की जाएगी. (Image:AI)
हाइलाइट्स
- दिल्ली में सभी सरकारी इमारतों की अग्नि सुरक्षा जांच होगी.
- पीडब्ल्यूडी 15 अप्रैल तक ऑडिट पूरा कर रिपोर्ट सौंपेगा.
- फायर अलार्म, स्प्रिंकलर और अग्निशमन यंत्रों की जांच होगी.
नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने अपनी सभी इमारतों, विशेष रूप से अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच का निर्देश दिया है. अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि यह ऑडिट लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा किया जाएगा. अग्नि सुरक्षा ऑडिट के तहत सभी सुरक्षा उपायों की जांच की जाएगी जिसमें ‘फायर अलार्म’, ‘स्प्रिंकलर सिस्टम’ (पानी का छिड़काव करने वाले यंत्र) और अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और कार्यक्षमता का सत्यापन शामिल होगा.
पीडब्ल्यूडी के प्रधान सचिव ने अपने आदेश में कहा कि ‘अग्नि सुरक्षा ऑडिट का मुख्य उद्देश्य मौजूदा सुरक्षा उपायों का आकलन करना, संभावित खतरों की पहचान करना और अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सुधारात्मक कार्रवाई की सिफारिश करना है.’ ऑडिट प्रक्रिया को 15 अप्रैल तक पूरा करने का निर्देश दिया गया हैं. ‘फायर डिटेक्शन और अलार्म’ प्रणाली की जांच के लिए पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को अग्नि सुरक्षा उपकरणों के नियमित परीक्षण और रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गये है.
अधिकारियों ने बताया कि सभी इमारतों की आपातकालीन निकासी योजनाओं की समीक्षा की जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे प्रभावी हैं, इमारत का उपयोग करने वालों द्वारा उनका नियमित रूप से अभ्यास किया जाता है और सभी कर्मचारियों व आगंतुकों को इसकी जानकारी है. अधिकारियों ने बताया कि इस प्रक्रिया के तहत यह भी सत्यापित किया जाएगा कि सभी लोगों को अग्नि सुरक्षा के संबंध में पर्याप्त रूप से जागरूक किया गया है. उन्होंने बताया कि ऑडिट के लिए अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञों और इंजीनियरों की एक टीम बनाई जाएगी, जो एक व्यापक चेकलिस्ट के आधार पर सभी सुरक्षा पहलुओं की जांच करेगी. ऑडिट पूरा होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसमें निष्कर्ष और सुधारात्मक कार्रवाई के सुझावों को शामिल किया जाएगा.
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यह रिपोर्ट दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) और पीडब्ल्यूडी को सौंपी जाएगी. इससे पहले, डीएफएस ने सभी नगर निकायों को एक निर्देश जारी किया था. यह नया आदेश उसी दिशा-निर्देश के आधार पर जारी किया गया है जिसमें पिछले महीने सभी इमारतों के विद्युत कार्यों का ऑडिट कराने के लिए कहा गया था. दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक अतुल गर्ग ने अस्पतालों सहित सभी इमारतों में विद्युत प्रणाली के ऑडिट की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि 70 प्रतिशत आग की घटनाएं दोषपूर्ण विद्युत वायरिंग और अन्य इलेक्ट्रिकल खामियों के कारण होती हैं.
