लो…जी, बुलेट ट्रेन को लेकर आया बड़ा अपडेट, यह काम भी हो गया
- April 26, 2025
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Last Updated:April 26, 2025, 21:05 IST गुजरात में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट आ गया है. नाडियाड के पास एनएच-48 पर स्टील ब्रिज का पहला 100
Last Updated:April 26, 2025, 21:05 IST गुजरात में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट आ गया है. नाडियाड के पास एनएच-48 पर स्टील ब्रिज का पहला 100
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2026 बुलेट ट्रेन चलाने की है तैयारी.
नई दिल्ली. गुजरात में मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर बड़ा अपडेट आ गया है. नाडियाड के पास एनएच-48 पर स्टील ब्रिज का पहला 100 मीटर हिस्सा (स्पैन) सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया है. यह राजमार्ग दिल्ली, मुंबई और चेन्नई को जोड़ता है और बहुत व्यस्त है. दूसरा भी जल्द ही लांच किया जाएगा. यह स्टील ब्रिज ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत बनाया गया है.
इसमें दो 100 मीटर लंबे हिस्से हैं, जो बुलेट ट्रेन के रास्ते को एनएच-48 के ऊपर से गुजारने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं. इनमें से पहला हिस्सा अब पूरा हो चुका है. एनएच-48 में छह लेन हैं, यानी हर दिशा में तीन लेन. इस ब्रिज के पहले हिस्से को एक छोर से लगभग 200 मीटर तक खिसकाकर नेशनल हाईवे की तीन लेन के बीच स्थापित किया गया. इस दौरान यातायात को चलाए रखने और यात्रियों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए लॉन्चिंग प्रक्रिया को बहुत सावधानी से की गयी.
ब्रिज की खासियत
इस स्टील ब्रिज के 100 मीटर हिस्से की ऊंचाई 14.6 मीटर, चौड़ाई 14.3 मीटर और वजन करीब 1414 मीट्रिक टन है. इसे उत्तर प्रदेश के हापुड़ में सालासर की फैक्ट्री में बनाया गया है. यह ब्रिज 100 साल तक चलने के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसे बनाने में 57,200 मजबूत बोल्ट, खास तरह की C5 पेंटिंग और इलास्टोमेरिक बेयरिंग का इस्तेमाल हुआ है. ब्रिज को जमीन से 14.9 मीटर ऊंचाई पर अस्थायी ढांचों (ट्रेस्टल्स) पर रखा गया और दो सेमी-ऑटोमैटिक जैक की मदद से खींचा गया. इन जैक की क्षमता 250 टन है और इन्हें ऑटोमैटिक सिस्टम से चलाया गया.
सात ब्रिज बन चुके हैं
मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर के लिए कुल 28 स्टील ब्रिज बनाने की योजना है. इनमें से 11 महाराष्ट्र में और 17 गुजरात में होंगे. गुजरात में पहले ही सात स्टील ब्रिज बन चुके हैं, जो रेलवे/डीएफसीसी ट्रैक, राजमार्ग और भिलोसा इंडस्ट्री के ऊपर हैं. यह स्टील ब्रिज बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. यह न केवल बुलेट ट्रेन के रास्ते को आसान बनाएगा, बल्कि गुजरात और महाराष्ट्र के बीच तेज़ और सुरक्षित यात्रा को भी बढ़ावा देगा. इस तरह की आधुनिक तकनीक का उपयोग देश की बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट को मजबूत करने और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने का एक शानदार उदाहरण है. इस प्रोजेक्ट से भविष्य में यात्रा का समय कम होगा और लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी.
