लोहड़ी की थाली 2026: पंजाबी स्वाद, परंपरा और सर्दियों की गर्माहट का उत्सव
- January 13, 2026
- 0
लोहड़ी 2026 उत्तर भारत में पूरे उत्साह और परंपरागत अंदाज़ में मनाई जा रही है। आग के चारों ओर भांगड़ा, गिद्दा, लोकगीत और खुशियों के बीच सबसे खास
लोहड़ी 2026 उत्तर भारत में पूरे उत्साह और परंपरागत अंदाज़ में मनाई जा रही है। आग के चारों ओर भांगड़ा, गिद्दा, लोकगीत और खुशियों के बीच सबसे खास
लोहड़ी 2026 उत्तर भारत में पूरे उत्साह और परंपरागत अंदाज़ में मनाई जा रही है। आग के चारों ओर भांगड़ा, गिद्दा, लोकगीत और खुशियों के बीच सबसे खास आकर्षण होती है — लोहड़ी की थाली, जो स्वाद और संस्कृति दोनों का संगम है।
लोहड़ी की थाली केवल एक भोजन नहीं, बल्कि यह पंजाब की कृषि परंपरा, सर्दियों की फसल और सामूहिक उत्सव का प्रतीक है। इस थाली में शामिल हर व्यंजन मौसम, स्वास्थ्य और स्वाद का संतुलन बनाए रखता है।
लोहड़ी की थाली का सबसे प्रमुख हिस्सा है — सरसों का साग और मक्की की रोटी। सरसों का साग सरसों, पालक, मेथी और बथुआ जैसी हरी सब्जियों को धीमी आंच पर पकाकर तैयार किया जाता है। ऊपर से डाला गया देसी घी या मक्खन इसकी खुशबू और स्वाद को और बढ़ा देता है।
मक्की की रोटी सर्दियों में शरीर को ऊर्जा देती है और साग के साथ इसका स्वाद लाजवाब लगता है। यह जोड़ी पंजाबी संस्कृति की पहचान बन चुकी है।
लोहड़ी की थाली मिठास के बिना अधूरी मानी जाती है। इसमें कई पारंपरिक मीठे और कुरकुरे व्यंजन शामिल होते हैं:
तिल और गुड़ से बनी ये मिठाइयां सर्दियों में शरीर को गर्माहट देती हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आती हैं।
गुड़ और मूंगफली से बनी यह मिठाई स्वादिष्ट होने के साथ-साथ ऊर्जा से भरपूर होती है।
सर्दियों में तिल के लड्डू सेहत के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं।
घी, आटा और ड्राई फ्रूट्स से बनी पंजरी स्वाद और पोषण दोनों का बेहतरीन मेल है।
लोहड़ी की थाली में संतुलन बनाए रखने के लिए कुछ ठंडक और हल्के व्यंजन भी शामिल किए जाते हैं:
नरम उड़द दाल के भल्ले, ठंडे दही, चटनी और मसालों के साथ परोसे जाते हैं, जो भारी भोजन के बीच ताजगी देते हैं।
साधारण लेकिन स्वादिष्ट आलू-गोभी की सब्जी, पूरी या रोटी के साथ परोसी जाती है।
दूध और गुड़ से बने ये मीठे चावल लोहड़ी की थाली को खास बना देते हैं।
आज के समय में लोग स्वास्थ्य को भी प्राथमिकता देते हैं, इसलिए लोहड़ी की थाली में कुछ हेल्दी बदलाव किए जा सकते हैं:
मल्टीग्रेन रोटी का इस्तेमाल
रिफाइंड शुगर की जगह गुड़ आधारित मिठाइयां
तले हुए स्नैक्स की जगह बेक्ड विकल्प
कम घी और कम तेल का प्रयोग
इन छोटे बदलावों से स्वाद भी बना रहता है और सेहत भी।
लोहड़ी की थाली केवल खाने की प्लेट नहीं है, बल्कि यह किसानों की मेहनत, फसल की खुशी और नए मौसम के स्वागत का प्रतीक है। मक्का, सरसों, तिल और गुड़ जैसे तत्व सीधे खेतों से जुड़े होते हैं, जो इस त्योहार को और खास बनाते हैं।
लोहड़ी की थाली परिवार और दोस्तों को एक साथ बैठकर खाने का मौका देती है, जहां हर निवाला यादों और रिश्तों को मजबूत करता है।
लोहड़ी की थाली 2026 स्वाद, सेहत और संस्कृति का खूबसूरत संगम है। यह थाली हमें याद दिलाती है कि त्योहार केवल मनाने के लिए नहीं, बल्कि अपनों के साथ जुड़ने और परंपराओं को आगे बढ़ाने का जरिया भी होते हैं।
इस लोहड़ी, अगर आपने अब तक पारंपरिक लोहड़ी की थाली का आनंद नहीं लिया है, तो जरूर लें — क्योंकि इसमें सिर्फ स्वाद नहीं, बल्कि पंजाब की आत्मा बसती है।
For more trending news visit : https://viralblogs.in/
