रोहतास की बेटियों के लिए बड़ी राहत, मिलेगा मुफ्त हॉस्टल, भोजन और कोचिंग सुविधा
- April 20, 2025
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Last Updated:April 20, 2025, 15:47 IST Girls Education: रोहतास जिले की वंचित तबके की बेटियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब उन्हें पढ़ाई के लिए शहर में
Last Updated:April 20, 2025, 15:47 IST Girls Education: रोहतास जिले की वंचित तबके की बेटियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब उन्हें पढ़ाई के लिए शहर में
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प्रतीकात्मक तस्वीर
हाइलाइट्स
रोहतास. जिले की वंचित तबके की बेटियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब उन्हें पढ़ाई के लिए शहर में किराए के मकान की तलाश नहीं करनी पड़ेगी और ना ही प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए बाहर जाना होगा. सासाराम प्रखंड के मोकर में 100 बेड का सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास बनाया जाएगा. जिला प्रशासन ने विभागीय निर्देश पर भूमि का चयन कर रिपोर्ट भेज दी है और योजना को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है.
छात्रावास में ऑनलाइन क्लास, पुस्तकालय, डिजिटल क्लासरूम
यह छात्रावास अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की उन छात्राओं के लिए होगा, जो मैट्रिक के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहती हैं. इन छात्राओं को यहां मुफ्त में रहने, भोजन करने और पढ़ाई की सुविधा मिलेगी. खास बात यह है कि छात्रावास में ऑनलाइन क्लास, पुस्तकालय, डिजिटल क्लासरूम, शांत वातावरण और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे.
वंचित तबके की बेटियों को मुख्यधारा से जोड़ने का उद्देश्य
डीएम उदिता सिंह ने समाज के वंचित तबके की बेटियों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से छात्रावास निर्माण का प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया था. इसके बाद अंचलाधिकारी द्वारा मोकर और बैजला के आसपास की जमीनों का निरीक्षण किया गया, जिसमें एक एकड़ से अधिक सरकारी जमीन को चिह्नित कर रिपोर्ट भेज दी गई है.
आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में इच्छुक बेटियों को प्राथमिकता
अब भवन निर्माण विभाग डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार कर रहा है. जैसे ही प्रशासनिक स्वीकृति मिलेगी, टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी और निर्माण कार्य की शुरुआत हो जाएगी. जिला कल्याण पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि छात्रावास का निर्माण मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति-जनजाति बालिका छात्रावास योजना के तहत किया जाएगा. इसमें खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन पढ़ाई में इच्छुक बेटियों को प्राथमिकता दी जाएगी.
छात्रावास जिले के लिए बन सकता है एक आदर्श मॉडल
योजना का उद्देश्य न केवल आवास देना है, बल्कि छात्राओं को करियर की दिशा में मार्गदर्शन और जरूरी सुविधाएं भी देना है ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें. प्रशासन की मानें तो यह छात्रावास जिले के लिए एक आदर्श मॉडल बन सकता है, जो आगे चलकर राज्य के अन्य जिलों में भी इसी तरह की पहल के लिए प्रेरणा बनेगा.
