रीवा में सरकारी नौकरी का झांसा, फर्जी जॉइनिंग लेटर से 1.60 लाख की ठगी
- May 20, 2025
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Last Updated:May 20, 2025, 00:01 IST Rewa Job Fraud: रीवा में छात्र अवनीश साकेत से 1.60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी जीवेन्द्र और
Last Updated:May 20, 2025, 00:01 IST Rewa Job Fraud: रीवा में छात्र अवनीश साकेत से 1.60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. आरोपी जीवेन्द्र और
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एमपी पुलिस ने 2 आरोपियों को अरेस्ट किया है.
हाइलाइट्स
रीवा. मध्यप्रदेश के रीवा जिले में नौकरी दिलाने के नाम पर एक छात्र से 1.60 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. ठगों ने छात्र को झांसे में लेकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर तक थमा दिया, जिससे उसे यकीन हो गया कि उसे सरकारी नौकरी मिल गई है. लेकिन जब छात्र ज्वाइनिंग के लिए पहुंचा, तो पूरा मामला फर्जी निकला. अमहिया पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस साइबर फ्रॉड का खुलासा किया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
मूल रूप से गढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम बेलवा बड़गैयान निवासी पीड़ित छात्र अवनीश साकेत रीवा शहर के पोस्ट मैटिक हॉस्टल क्रमांक-3 में रहकर बीएससी की पढ़ाई कर रहा है. साथ ही वह पार्ट-टाइम एक ऑनलाइन दुकान में नौकरी भी करता है. आरोपी उसके जान-पहचान के ही थे — जीवेन्द्र साकेत और विनय साकेत, जो सिरमौर थाना क्षेत्र के ग्राम सदहना के निवासी हैं. दोनों आरोपियों ने अवनीश को सिरमौर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 1 लाख 60 हजार रुपये वसूले. इतना ही नहीं, उन्होंने एक फर्जी नियुक्ति पत्र भी उसे सौंप दिया. जब अवनीश ज्वाइनिंग के लिए संबंधित कार्यालय पहुंचा तो वहां यह नियुक्ति पत्र फर्जी पाया गया. इसके बाद पीड़ित ने अमहिया थाने में शिकायत दर्ज कराई.
पुलिस ने किया खुलासा, दी चेतावनी
अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनके खिलाफ साइबर फ्रॉड व धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. थाना प्रभारी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में न आएं और बिना किसी वैध प्रक्रिया के किसी को पैसा न दें. नौकरी केवल वैधानिक प्रक्रिया और मेरिट के आधार पर ही मिलती है, ऐसे फर्जीवाड़े से सतर्क रहना जरूरी है.
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामले, सतर्क रहना जरूरी
यह मामला साइबर ठगी के बढ़ते खतरे की एक और मिसाल है, जिसमें जान-पहचान के लोग ही तकनीक और झूठे दस्तावेजों का सहारा लेकर ठगी को अंजाम दे रहे हैं. इससे साफ है कि अब ठग केवल फोन कॉल या ईमेल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्तिगत संबंधों का भी दुरुपयोग करने लगे हैं. ऐसे में युवाओं और अभिभावकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है. पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी को इस प्रकार की ठगी का शिकार होना पड़ा हो तो तुरंत पुलिस से संपर्क करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और अन्य लोगों को भी ठगी से बचाया जा सके.
