Trending

'रात के अंधेरे का डर नहीं…' आजादी के बाद इस गांव में पहली बार जला बल्ब

Last Updated:

Raipur Latest News: छत्तीसगढ़ का एक गांव में आजादी के 75 साल बीतने के बाद भी अंधेरे में डूबा हुआ था. ये गांव रोशनी के लिए तरस रहा था. हालांकि, अब इस गांव को एक खास तोहफा मिला है, जिससे यहां के लोगों की खुशी का ठ…और पढ़ें

'रात के अंधेरे का डर नहीं...' आजादी के बाद इस गांव में पहली बार जला बल्ब

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित गांव में पहली बार बिजली पहुंची.

रायपुर. वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित छत्तीसगढ़ के एक सुदूर गांव में सात दशक से अधिक समय के इंतजार के बाद आखिरकार बिजली पहुंच गई है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि माओवादी उग्रवाद से प्रभावित बीजापुर जिले के दूरदराज के गांव तिमेनार में स्थानीय लोग बुनियादी सुविधाओं के बिना अंधेरे में जीवन गुजारने को मजबूर थे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि तिमेनार का विद्युतीकरण बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में शासन और विकास के एक नए युग की शुरुआत का संकेत है. एक सरकारी बयान में कहा गया है, ‘भैरमगढ़ विकास खंड के बेचापाल ग्राम पंचायत तहत तिमेनार गांव के सभी 53 घरों में आजादी के 77 साल बाद पहली बार मुख्यमंत्री मांजरा-टोला विद्युतीकरण योजना के तहत बिजली पहुंचाई गई है.’

हनीमून पर मनाली गए कपल, रात को रिकॉर्ड किया रोमांटिक वीडियो, दूल्हा-दुल्हन का प्राइवेट मोमेंट वायरल

उन्होंने कहा कि यह उल्लेखनीय उपलब्धि माओवादी आतंक की समाप्ति और क्षेत्र में विकास, शांति और समृद्धि की शुरुआत का प्रतीक है. तिमेनार निवासी मश्राम, पंडरू कुंजाम, मंगली और प्रमिला ने अपनी खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वे बिजली की रोशनी देखेंगे, लेकिन निराशा की जगह आशा ने ले ली है.

निवासियों ने कहा कि बिजली आने से भय और असुरक्षा का माहौल खत्म हो गया है और यह उनके जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा, ‘पहली बार हमारे गांव में बिजली आई है. अब हमें रात के अंधेरे का डर नहीं है और हम जंगली जानवरों, सांपों और बिच्छुओं के खतरों से मुक्त हैं. हमारे बच्चे अब आसानी से पढ़ाई कर सकते हैं और हमें आखिरकार लगता है कि हम विकास की राह पर हैं.’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उनकी सरकार प्रत्येक ‘मांजरा-टोला’ (बस्तियों) में बिजली पहुंचाने और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है. साय ने एक बयान में कहा, ‘जहां कभी माओवादी आतंक का साया था, वहां विकास की किरणें दिख रही हैं. यह परिवर्तन एक सच्ची जीत है. तिमेनार का विद्युतीकरण बस्तर के सुदूर क्षेत्रों में शासन और विकास के एक नए युग की शुरुआत का संकेत है. यह क्षेत्र अब माओवादी हिंसा के भय से मुक्त होकर समृद्धि और प्रगति की ओर बढ़ रहा है.’

homechhattisgarh

‘रात के अंधेरे का डर नहीं…’ आजादी के बाद इस गांव में पहली बार जला बल्ब

source

yashoraj infosys : best web design company in patna bihar
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar

viral blogs

About Author

You may also like

Trending

नासिक में ट्रक और टेंपो में जोरदार टक्कर, 8 लोगों की मौत, कई घायल

Last Updated:January 12, 2025, 23:34 IST Road Accident: नासिक में एक भीषण रोड एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौत हो
Trending

रोहिड़ी महोत्सव: राजस्थानी परंपरा, विरासत और पर्यटन को नई ऊंचाई देने का माध्यम

Last Updated:January 13, 2025, 00:09 IST Music Festival: ‘द रोहिड़ी’ महोत्सव का आयोजन सीमावर्ती रोहिड़ी में किया जाना था, लेकिन