नई दिल्ली. भारत द्वारा पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद गुरुवार को भारी गिरावट झेलने वाले पाकिस्तान शेयर बाजार में शुक्रवार को मजबूती देखने को मिली. कराची स्टॉक एक्सचेंज (KSE-100) 1,268 अंकों की रिकवरी की 104,795 पर बंद हुआ. गुरुवार को हुई ऐतिहासिक गिरावट से निवेशकों को करीब 820 अरब रुपये का नुकसान हुआ था. वहीं, आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट देखी गई. बीएसई सेंसेक्स आज 880 अंक गिरकर 79453.47 पर कारोबार बंद हुआ. निफ्टी50 भी आज 265.80 अंक गिरकर 24008 पर बंद हुआ.
शुक्रवार को पाकिस्तानी शेयर बाजार 6% टूटा था. 8 मई को कराची स्टॉक एक्सचेंज के 7.2 फीसदी गिरने के बाद ट्रेडिंग रोक दी गई. आज शुरुआती 30 मिनट में ही कराची स्टॉक एक्सचेंज 2% उछल गया. पाकिस्तानी विशेषज्ञों का कहना है कि अभी तक किसी बड़े सैन्य टकराव की पुष्टि नहीं होने से निवेशकों का भरोसा बाजार पर लौटा. पाकिस्तानी मीडिया हाउस द डॉन की एक रिपोर्ट के अनुसार, चेस सिक्योरिटीज के रिसर्च डायरेक्टर यूसुफ एम. फारूक का कहना है कि निवेशकों को अब पूर्ण युद्ध की संभावना कम लग रही है. कई निवेशकों ने हाल की भारी गिरावट के बाद अब सस्ते स्टॉक्स में खरीदारी शुरू कर दी है. तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार बाजार अब ‘ओवरसोल्ड’ स्थिति में पहुंच गया था, जिससे सुधार की उम्मीद बढ़ी.
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आईएफएफ से कर्ज मिलने की उम्मीद
आरिफ हबीब लिमिटेड की रिसर्च प्रमुख सना तौफीक का कहना है कि शुक्रवार को बाजार में सुधार का मुख्य कारण IMF बोर्ड की बैठक है. उन्होंने कहा कि संभावना है कि IMF आज पाकिस्तान को 1 अरब डॉलर की अगली किश्त मंजूर कर देगा. साथ ही 1.3 अरब डॉलर के रेजिलिएंस एंड सस्टेनेबिलिटी फैसिलिटी (RSF) को भी मंजूरी मिल सकती है.
भारत ने पाकिस्तान को यह बेलआउट पैकेज देने पर ऐतराज जताया है और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड से इस पर विचार करने को कहा है. भारत का आरोप है कि पाकिस्तान यह पैसा देश की तरक्की के नाम पर लेता है लेकिन इसका इस्तेमाल आतंकियों की मदद करने के लिए करता है.