मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर अनुज कन्नौजिया एनकाउंटर में ढेर

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Anuj Kanojia Encounter: झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में ढाई लाख के इनामी शूटर अनुज कन्नौजिया को मार गिराया गया. कन्नौजिया मुख्तार अंसारी गैंग का सदस्य था.

जमशेदपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में ढाई लाख के इनामी शूटर अनुज कन्नौजिया को ढेर कर दिया गया.
हाइलाइट्स
- एनकाउंटर में ढाई लाख का इनामी अनुज कन्नौजिया ढेर.
- मुख्तार अंसारी गैंग का सदस्य था कन्नौजिया.
- मुठभेड़ में यूपी एसटीएफ का डीएसपी घायल.
रांची/जमशेदपुर. झारखंड के जमशेदपुर में पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ में ढाई लाख के इनामी शूटर अनुज कन्नौजिया को ढेर कर दिया गया. यह एनकाउंटर यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुआ. कन्नौजिया कुख्यात मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य था और लंबे समय से फरार चल रहा था.
जानकारी के मुताबिक, यूपी एसटीएफ और झारखंड एटीएस की टीम जमशेदपुर के गोविंदपुर इलाके में उसकी गिरफ्तारी के लिए पहुंची थी. जैसे ही टीम ने अनुज को पकड़ने की कोशिश की, उसने गोलीबारी शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे मार गिराया.
जमदेशपुर में छिपकर रह रहा था कन्नौजिया
पुलिस को सूचना मिली थी कि कन्नौजिय जमशेदपुर में छिपकर रह रहा था और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था. छापेमारी के दौरान पुलिस ने उसके पास से एक रेग्युलर पिस्टल भी बरामद की है. इस मुठभेड़ में यूपी एसटीएफ के डीएसपी को भी गोली लगी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है.
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई जब मुख्तार अंसारी की मौत को ठीक एक साल पूरा हुआ है. अधिकारियों ने इसे गैंग से जुड़े अपराधियों के लिए कड़ा संदेश करार दिया है.
कौन था अनुज कन्नौजिया?
उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का रहने वाला अनुज कन्नौजिया मुख्तार अंसारी का सबसे भरोसेमंद शूटर माना जाता था. उसके खिलाफ मऊ और गाज़ीपुर में हत्या, रंगदारी और फिरौती जैसे दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे. वह पिछले पांच सालों से फरार था. शुरुआत में उसके ऊपर 1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था, लेकिन लंबे समय तक पुलिस से बचने के कारण यह बढ़ाकर 2.5 लाख रुपये कर दिया गया था.
कन्नौजिया के नेटवर्क पर पुलिस की सख्त कार्रवाई
कन्नौजिया को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश और झारखंड पुलिस लगातार दबाव बना रही थी. पुलिस ने पहले ही आजमगढ़ में स्थित उसके घर को बुलडोजर से गिरा दिया था. इसके अलावा, उसके परिवार के कई सदस्यों को भी गैंगस्टर एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था.
एनकाउंटर ने खत्म किया लंबा पीछा
झारखंड एटीएस और यूपी एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में अंततः अनुज कन्नौजिया को मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया. पुलिस अधिकारियों ने इसे अपराधियों के लिए कड़ा संदेश बताया और साफ किया कि मुख्तार अंसारी के गैंग का कोई भी सदस्य बख्शा नहीं जाएगा.
इस एनकाउंटर के बाद पुलिस को उम्मीद है कि मुख्तार अंसारी गैंग के नेटवर्क को तोड़ने में बड़ी सफलता मिलेगी. पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि अनुज कन्नौजिया झारखंड में किन लोगों के संपर्क में था और उसे यहां किसका समर्थन मिल रहा था.
