मंडी. क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला सचिव और जिला परिषद सदस्य कुशाल भारद्वाज ने कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को जनता के स्वास्थ्य की कोई चिंता नहीं है और आम लोग रोजाना समस्याओं का सामना कर रहे हैं.
कुशाल भारद्वाज ने बताया कि सिविल अस्पताल जोगिंदर नगर में कुल 19 स्वीकृत डॉक्टरों के पदों में से इस समय 15 पद खाली हैं. एमडी, सर्जन, ईएनटी, स्किन, ऑर्थो, नेत्र और शिशु रोग विशेषज्ञ जैसे अहम पदों पर डॉक्टर नहीं हैं. उन्होंने कहा कि यह अस्पताल अब सिर्फ एक शो पीस बनकर रह गया है और यहां से मरीजों को केवल रेफर करने का काम किया जा रहा है.
18 वर्षों से नहीं हुई सोनोग्राफर की नियुक्ति
उन्होंने कहा कि पिछले 18 वर्षों से अस्पताल में सोनोग्राफर की नियुक्ति नहीं हुई. भाजपा सरकार के समय मुख्यमंत्री ने कई बार क्षेत्र का दौरा किया. घोषणाएं कीं, आयोजनों में शिरकत की, लेकिन अल्ट्रासाउंड मशीन चलाने के लिए आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो पाई.
अस्पताल में स्टाफ की भारी कमी
कुशाल भारद्वाज ने बताया कि सिविल अस्पताल में डॉक्टरों के अलावा स्टाफ नर्स का एक, ओटीए का एक, रेडियोग्राफर के दो, एमएलटी ग्रेड-1 का एक, ईसीजी का एक, ड्राइवर के तीन, मिडवाइफ के तीन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आठ पद रिक्त हैं.
लडभड़ोल और चौंतड़ा के अस्पताल भी बेहाल
उन्होंने कहा कि लडभड़ोल का सिविल अस्पताल, चौंतड़ा की सीएचसी और जोगिंदर नगर की विभिन्न पीएचसी की स्थिति पिछली भाजपा सरकार में भी खराब थी और अब कांग्रेस सरकार में तो हालत और भी बिगड़ गई है.
स्थानीय नेताओं पर भी साधा निशाना
जिला परिषद सदस्य ने कहा कि अस्पताल का दौरा कर उन्होंने स्थिति का स्वयं जायजा लिया है. लेकिन प्रदेश सरकार, स्थानीय विधायक, सांसद और सत्ता पक्ष के नेताओं को इसकी कोई चिंता नहीं है. सब केवल यह दावा करते हैं कि जो विकास कार्य हुए हैं वह उनके कारण हुए हैं. असल में जब भाजपा की सरकार होती है तो कांग्रेस से जुड़े ठेकेदारों को लाभ मिलता है और जब कांग्रेस सत्ता में होती है तो भाजपा से जुड़े चुनिंदा ठेकेदारों को फायदा पहुंचाया जाता है.
उन्होंने कहा कि सरकार चाहे किसी की भी हो, लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, सड़क और परिवहन जैसी बुनियादी सेवाओं को सुधारने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जाते.
जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा जनांदोलन
कुशाल भारद्वाज ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब जोगिंदर नगर में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराई हैं. इससे पहले भी उन्होंने जनता को संगठित कर आंदोलनों के जरिए सरकार पर दबाव बनाया था और डॉक्टरों की नियुक्ति करवाई थी. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही रिक्त पद नहीं भरे गए तो वे एक बार फिर जनांदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.