जैसलमेर. भारत-पाकिस्तान की सरहद पर सुरक्षा में तैनात बीएसएफ ने दोनों देशों की सीमा पर लगी तारबंदी में फंसे एक हिरण की जान बचाकर वन्य जीव प्रेम की मिसाल पेश की है. BSF के क्षेत्रीय मुख्यालय जैसलमेर की 38वीं वाहिनी के जवानों ने घायल हिरन को रेस्क्यू कर उसकी जान बचाई. सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने घायल हिरण का इलाज कर उसे वन विभाग को सौंप दिया है. बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स के जवानों के इस कार्य के लिए वन्य जीव प्रेमियों ने जवानों की प्रशंसा की है.
BSF कमांडेंट राकेश पंवार ने बताया कि भारत-पाकिस्तान सरहद की तारबंदी में शुक्रवार को एक हिरण फंस गया था. उसी दौरान सरहद की पेहरदारी कर रहे बीएसएफ के जवानों की उस पर नजर पड़ गई. हिरण तारबंदी में बुरी तरह से फंसा हुआ था. सीमा बाड़ के कंटीली तारों में फंसने से हिरण बुरी तरह से घायल हो गया था. बीएसएफ के जवानों ने घायल हिरण को सीमा बाड़ से निकला और उसका इलाज किया.
बीएसएफ ने घायल हिरण को वन विभाग को सौंपा
सीमा सुरक्षा बल के कमांडेंट ने वन्य रेंज 113 RD के वन अधिकारी पवन विधूड़ी को घायल हिरण की जानकारी देकर सरहद पर बुलाया. उसके बाद BSF के जवान घायल हिरण को वन विभाग की नर्सरी 192 RD तक ले गए. वहां उन्होंने उसे वन रेंज के प्रतिनिधि को सौंप दिया. 113 RD वन्य रेंज अधिकारियों ने बीएसएफ जवानों का इस कार्य के लिए आभार जताया.
बीएसएफ केवल राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है
कमांडेंट राकेश पंवार ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल केवल राष्ट्र की सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि हर परिस्थिति में निस्वार्थ भाव से सेवा कार्य करती है. बीएसएफ मानवता और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का परिचय भी देती है. BSF के जवानों की ओर से किया गया यह कार्य उनकी संवेदनशीलता और करुणा तथा संगठन की महान परंपराओं को दर्शाता है. बीएसएफ हमेशा कर्तव्य, निष्ठा और बलिदान के अपने आदर्श वाक्य को भी चरितार्थ करता है. BSF सदैव देश, समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए तत्पर रहता है.