भारत की डिप्लोमैटिक बाउंसर पर पाक बोल्ड! रहम की भीख मांगने निकलेंगे बिलावल
- May 18, 2025
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Last Updated:May 18, 2025, 00:02 IST पाक पीएम शहबाज शरीफ ने बिलावल भुट्टो को भारत संग सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तान का मामला पेश करने का काम सौंपा.
Last Updated:May 18, 2025, 00:02 IST पाक पीएम शहबाज शरीफ ने बिलावल भुट्टो को भारत संग सैन्य तनाव के बाद पाकिस्तान का मामला पेश करने का काम सौंपा.
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शहबाज शरीफ ने बिलावल भुट्टो को वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का पक्ष रखने का काम सौंपा. (Image:PTI)
हाइलाइट्स
इस्लामाबाद. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शनिवार को पीपीपी अध्यक्ष और पूर्व विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी को भारत के साथ हालिया सैन्य तनाव के बाद वैश्विक मंच पर पाकिस्तान का ‘मामला’ पेश करने का काम सौंपा. भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव ऐसे समय में हुआ है जब पिछले महीने पहलगाम हमले को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. 6-7 मई की रात को नई दिल्ली ने पंजाब और आज़ाद कश्मीर में हवाई हमलों की एक सीरीज ऑपरेशन सिंदूर के तहत शुरू की थी. जिसके कारण पाकिस्तान और उसके कब्जे वाले कश्मीर में सैनिक और नागरिक ठिकानों पर भारी तबाही हुई.
पाकिस्तान ने ये कदम ऐसे वक्त पर उठाया है, जब भारत ने 7 डेलिगेशन दुनिया में भेजकर ऑपरेशन सिंदूर पर अपना पक्ष रखने का कदम उठाया है. वहीं आतंकवाद पर पाकिस्तान के खिलाफ भारत का रुख रखने के लिए विदेश में बहुदलीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के केंद्र के निमंत्रण को स्वीकार करने के अपने फैसले पर कायम कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को कहा कि ‘मुझे इसमें कोई राजनीति नहीं दिखती.’ साथ ही उन्होंने प्रतिनिधिमंडल के लिए कांग्रेस द्वारा किसी नाम के सुझाव के बारे में जानकारी होने से इनकार करते हुए कहा कि यह पार्टी और केंद्र सरकार के बीच का मामला है.
शशि थरूर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विदेश मामलों को संभालने के उनके पिछले अनुभव को देखते हुए हाल ही में उन्हें प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने के लिए आधिकारिक तौर पर आमंत्रित किया और ‘मैंने तुरंत सहमति दे दी.’ तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद ने कहा कि ‘मुझे इसमें कोई राजनीति नहीं दिखती. मेरे अनुसार, जब हमारा एक राष्ट्र होता है तो राजनीति महत्वपूर्ण हो जाती है. हम सभी भारतीय हैं. जब राष्ट्र संकट में होता है और केंद्र सरकार किसी नागरिक की मदद मांगती है, तो आप इसके अलावा और क्या जवाब देंगे.’
उन्होंने आगे कहा कि सभी ने पाकिस्तान के साथ 88 घंटे तक चली लड़ाई देखी है और इसलिए ‘दुनिया हमारे बारे में क्या कह रही है, इसमें हम सभी की भूमिका होनी चाहिए.’ थरूर ने कहा कि ‘इसी भावना के साथ मैंने इस पर सहमति जताई.’ पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस उनके निर्णय से नाखुश है और उसने प्रतिनिधिमंडल के लिए जिन लोगों के नाम सुझाए थे, उनके नाम क्यों जारी किए, थरूर ने कहा कि मीडिया को ये सवाल पार्टी से पूछना चाहिए. जब उनसे पूछा गया कि क्या पार्टी को उनके प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने पर कोई आपत्ति है, तो उन्होंने कहा कि ‘आपको कांग्रेस से पूछना होगा.’
Rakesh Singh is a chief sub editor with 14 years of experience in media and publication. International affairs, Politics and agriculture are area of Interest. Many articles written by Rakesh Singh published in …और पढ़ें
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