बिहार में बढ़ेगी मुखिया की सैलरी, आर्म्स लाइसेंस भी ,नीतीश सरकार के 6 बड़े ऐलान
- June 12, 2025
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पटना. बिहार में चुनावी साल को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. दरअसल चुनाव साल
पटना. बिहार में चुनावी साल को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. दरअसल चुनाव साल
पटना. बिहार में चुनावी साल को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था से जुड़े लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं. दरअसल चुनाव साल में बिहार के पंचायत प्रतिनिधियों को वेतन बढ़ोतरी का बड़ा फ़ायदा मिलने वाला है. बिहार में मुखिया, उप मुखिया, वार्ड सदस्यों तथा सरपंच, उप सरपंच एवं पंचों का वेतन बढ़ाया जाएगा. बिहार में अब मुखिया समेत तमाम पंचायत प्रतिनिधियों का मासिक भत्ता डेढ़ गुना बढ़ा दिया जाएगा. यानि मुखिया जी को पहले 5000 रुपये मिलता और अब उन्हें 12500 रुपये प्रति माह मिलेंगे.
वहीं राज्य के सभी ग्राम पंचायत में इस वर्ष होने वाले चुनाव से पहले पंचायत सरकार भवन तैयार करने का निर्देश दिया गया है. पंचायत सरकार भवन बनाने की स्वीकृति मिल चुकी है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘संवाद’ में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की और इसके बाद पंचायती राज व्यवस्था के तहत कुछ महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
1. ग्राम पंचायतों के मुखिया को मनरेगा योजना में अब तक 5 लाख रुपये तक की प्रशासनिक स्वीकृति की शक्ति प्राप्त थी. इस सीमा को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का आदेश दिया जा रहा है.
3. राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में इस वर्ष होने वाले चुनाव से पूर्व पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार हो जाए, इसके लिए 1069 नए पंचायत सरकार भवनों की स्वीकृति दी गई है. इन भवनों के निर्माण का जिम्मा ग्राम पंचायत को सौंपने का आदेश दिया जा रहा है.
5. पहले पंचायत प्रतिनिधियों को केवल आकस्मिक मृत्यु पर 5 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान मिलता था, अब सामान्य मृत्यु पर भी 5 लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान मिलेगा. साथ ही, बीमारी से ग्रसित होने पर मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष से स्वास्थ्य सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई जाएंगी.
वहीं इस दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि 2006 में पंचायती राज संस्थाओं और 2007 में नगर निकाय के चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था. हमने महिलाओं के उत्थान के लिए काफी काम किया है और वे समाज में नेतृत्व कर रही हैं. सभी वर्गों के विकास के लिए हमने काम किया है. यह स्पष्ट है कि ये छह फैसले पंचायती राज से जुड़े प्रतिनिधियों को बड़ा लाभ देंगे, जिसका प्रभाव विधानसभा चुनावों पर भी पड़ेगा.
