Trending

बिल फाड़ने के लिए ओवैसी पर कार्रवाई? राहुल भी कर चुके हैं ऐसी हरकत, जानें नियम

Last Updated:

लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की कॉपी फाड़कर विरोध जताया. ओवैसी ने इसे मुस्लिमों के साथ अन्याय बताया. संसद में बिल फाड़ने की घटनाएं पहले भी हुई हैं.

बिल फाड़ने के लिए ओवैसी पर कार्रवाई? राहुल भी कर चुके हैं ऐसी हरकत, जानें नियम

एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने लोकसभा में चर्चा के दौरान वक्फ संशोधन बिल की कॉपी फाड़ दी.

हाइलाइट्स

  • ओवैसी ने वक्फ बिल की कॉपी फाड़ी, विवाद बढ़ा.
  • राहुल गांधी भी कर चुके हैं बिल फाड़ने की घटना.
  • संसद में बिल फाड़ने की घटनाएं पहले भी हुई हैं.

बीती रात लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की कॉपी फाड़कर अपना विरोध दर्ज करवाया. इसको लेकर बवाल मचा हुआ है. संसदीय परंपरा में ऐसी घटनाएं बहुत कम देखी गई है. यह संसदीय मर्यादा और नियमों के उल्लंघन के सवाल से भी जुड़ा मसला है. ओवैसी ने लोकसभा में अपने भाषण के दौरान इस बिल को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि मैं गांधी की तरह इस बिल को फाड़ता हूं. यह मुस्लिमों के साथ अन्याय है. अब सवाल उठता है कि ओवैसी का यह तरीका क्या संसद के नियमों के खिलाफ है और क्या उनके खिलाफ कोई कार्रवाई हो सकती है.

वैसे संसद और विधानसभाओं में किसी विधेयक की कॉपी फाड़ने की यह पहली घटना नई नहीं है. संसदीय इतिहास में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं, जब सांसदों ने अपने विरोध को इस तरह व्यक्त किया. 16 दिसंबर 2019 को नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) पर चर्चा के दौरान खुद ओवैसी ने ही इस बिल की कॉपी फाड़ी थी. उन्होंने तब कहा था कि यह विधेयक संविधान के मूल ढांचे के खिलाफ है. इससे पहले, 2011 में लोकपाल विधेयक पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में राजद सांसद राजनीति प्रसाद ने बिल की प्रति फाड़कर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया था. इसी तरह 2001 में तत्कालीन सांसद शरद यादव ने महिला आरक्षण विधेयक के विरोध में इसकी कॉपी फाड़ी थी. ये घटनाएं बताती हैं कि संसद में इस तरह का विरोध समय-समय पर होता रहा है, हालांकि यह हमेशा विवाद का विषय बनता है.

ओवैसी का तर्क और वक्फ बिल पर विवाद
ओवैसी ने वक्फ संशोधन विधेयक को मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर हमला करार दिया. उनका कहना था कि यह बिल संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का उल्लंघन करता है, जो धार्मिक स्वतंत्रता की गारंटी देता है. वक्फ बिल में प्रस्तावित बदलाव जैसे गैर-मुस्लिम सदस्यों को वक्फ बोर्ड में शामिल करना और संपत्ति विवादों में हाईकोर्ट की भूमिका बढ़ाना, उनके अनुसार मुस्लिम धार्मिक संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर करते हैं.

राहुल गांधी ने फाड़ा था बिल
राहुल गांधी ने 27 अगस्त 2010 को लोकसभा में एक बिल की कॉपी फाड़ी थी. यह घटना उस समय हुई जब संसद में परमाणु ऊर्जा दायित्व विधेयक पर चर्चा चल रही थी. इस विधेयक का मकसद परमाणु दुर्घटना की स्थिति में मुआवजे और जिम्मेदारी तय करना था, खासकर 1984 के भोपाल गैस त्रासदी जैसे हादसों के संदर्भ में. उस वक्त कांग्रेस के युवा नेता और सांसद राहुल गांधी ने इस बिल का विरोध करते हुए इसे फाड़ दिया. उनका तर्क था कि यह विधेयक जनता के हितों के खिलाफ है और परमाणु आपूर्तिकर्ताओं को अनुचित संरक्षण देता है. राहुल गांधी का कहना था कि बिल में मुआवजे की सीमा बहुत कम थी और यह विदेशी कंपनियों खासकर अमेरिकी फर्मों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाया गया था. राहुल की इस तरीके उस वक्त की सरकार की खूब किरकिरी हुई थी.

homenation

बिल फाड़ने के लिए ओवैसी पर कार्रवाई? राहुल भी कर चुके हैं ऐसी हरकत, जानें नियम

source

yashoraj infosys : best web design company in patna bihar
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar

viral blogs

About Author

You may also like

Trending

नासिक में ट्रक और टेंपो में जोरदार टक्कर, 8 लोगों की मौत, कई घायल

Last Updated:January 12, 2025, 23:34 IST Road Accident: नासिक में एक भीषण रोड एक्सीडेंट में 8 लोगों की मौत हो
Trending

रोहिड़ी महोत्सव: राजस्थानी परंपरा, विरासत और पर्यटन को नई ऊंचाई देने का माध्यम

Last Updated:January 13, 2025, 00:09 IST Music Festival: ‘द रोहिड़ी’ महोत्सव का आयोजन सीमावर्ती रोहिड़ी में किया जाना था, लेकिन