January 29, 2026
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बादल फट जाए या आ जाए प्रलय, देहरादून में नहीं आएगी बाढ़, सरकार ने चली ऐसी चाल

  • July 29, 2025
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Last Updated:July 29, 2025, 23:19 IST Dehradun News : इससे न केवल देहरादून बल्कि ऋषिकेश और डोईवाला को भी राहत मिलेगी. यहां के लोग अब बिना किसी टेंशन

बादल फट जाए या आ जाए प्रलय, देहरादून में नहीं आएगी बाढ़, सरकार ने चली ऐसी चाल

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Dehradun News : इससे न केवल देहरादून बल्कि ऋषिकेश और डोईवाला को भी राहत मिलेगी. यहां के लोग अब बिना किसी टेंशन के मूसलाधार बारिश का लुत्फ उठा पाएंगे. न ट्रैफिक फंसेगा, न कीचड़ की किचकिच.

देहरादून. उत्तराखंड के शहरी इलाकों में बरसात के दिनों में जलभराव लोगों को खूब परेशान करता है. इसे दूर करने के लिए देहरादून जिला प्रशासन ने एक्शन प्लान तैयार किया है. अब  देहरादून, ऋषिकेश और डोईवाला शहरों में जल भराव समस्या के समाधान के लिए ऐसे स्पॉट्स पर 30 लाख की लागत के 17-हाई प्रेशर डी-वाटरिंग पंप लगाए जाएंगे. ये अतिवृष्टि में जलभराव होने पर कम से कम रिस्पांस टाइम में जल निकासी की व्यवस्था करेंगे. जिलाधिकारी ने नगर निगम ऋषिकेश को 04, डोईवाला को 02, तहसील ऋषिकेश को 01, देहरादून में आपदा प्रबंधन, नगर निगम, जल निगम, जल संस्थान, स्मार्ट सिटी, सिंचाई और क्यूआरटी को 10 डीवाटरिंग और मड पंप सहवर्ती उपकरणों के साथ दिए हैं. पहली बार देहरादून में डीवाटरिंग पोर्टेबल पम्पस की खेप जलभराव क्षेत्रों में तैनात की गई है.

मैनपावर की कमी के कारण…
देहरादून के डीएम सविन बंसल ने कहा कि अतिवृष्टि होने से अक्सर शहरी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर जलभराव का संकट खड़ा हो जाता है, जिससे यातायात बाधित होता है. इससे स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को चलने में परेशानी होती है. जलभराव की समस्या से निपटने के लिए जल निगम, जल संस्थान, स्मार्ट सिटी, नगर निगम और संबंधित एजेंसियों के पास मैनपावर के साथ संसाधनों की कमी के चलते त्वरित रिस्पांस में दिक्कत आ रही थी. इसे देखते हुए डीएम एक्ट में निहित शक्तियों के तहत जनहित में हाई प्रेशर डीवाटरिंग पंप लेने का फैसला लिया गया है.

डीएम सविन बंसल ने बताया कि इन्हें शहर के संवेदनशील चौक, चौराहों, जंक्शन और तिराहों पर स्थापित किया जा रहा है. जलभराव क्षेत्रों का नियमित जायजा लिया जा रहा है. जहां पर भी जलभराव की शिकायत मिलती है, वहां पर क्यूआरटी अपने संसाधनों के साथ मौके पर त्वरित रिस्पांस करती है. जलभराव की परेशानी से निपटने के लिए 17 हाई प्रेशर डीवाटरिंग पंप लिए गए है, जिन्हें संबंधित एजेंसियों को सौंप दिया गया है. क्यूआरटी के पास डी-वाटरिंग पंप होने के बाद क्यूआरटी का रिस्पांस टाइम कम हो जाएगा, जिससे जल्दी पानी निकाला जा सकेगा.

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