कराची: तुर्की का युद्धपोत TCG बुयुकाडा (F-512) रविवार को पाकिस्तान के कराची बंदरगाह पर पहुंचा, जिसे पाकिस्तानी नौसेना ने ‘सद्भावना यात्रा’ बताया है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच पहलगाम हिंदू नरसंहार के बाद तनाव चरम पर है. तुर्की के इस कदम ने क्षेत्रीय समीकरणों पर सवाल खड़े किए हैं, लेकिन सैन्य ताकत की बात करें तो भारत की नौसेना का जवाब नहीं. आइए, पहले तुर्की के इस जहाज की ताकत को समझें और फिर देखें कि भारत का दमखम कैसे इसे पीछे छोड़ता है.
तुर्की के युद्धपोत की ताकत
TCG बुयुकाडा तुर्की की Ada-क्लास कोरवेट का हिस्सा है, जिसे मिल्गेम प्रोजेक्ट के तहत 2013 में नौसेना में शामिल किया गया था. यह जहाज खास तौर पर पनडुब्बी-रोधी युद्ध (ASW), सतह पर हमला और गश्ती मिशनों के लिए बनाया गया है. इसके हथियार और तकनीक इसे एक मजबूत युद्धपोत बनाते हैं.
तुर्की का जहाज.
हथियार और सिस्टम
तुर्की के इस जहाज में एडवांस्ड हथियार लगे हैं.
- 76mm ओटो मेलारा गन: यह तोप 16 किमी तक सतह पर और 7 किमी तक हवाई टारगेट को भेद सकती है. प्रति मिनट इसकी 120 राउंड की फायरिंग क्षमता.
- हार्पून एंटी-शिप मिसाइलें: इस जहाज पर 8 एंटी शिप मिसाइलें लगी हैं जो 124 किमी तक समुद्री लक्ष्यों को निशाना बना सकती हैं. भविष्य में तुर्की की 200 किमी रेंज वाली स्वदेशी आत्मजा मिसाइल से इसे अपग्रेड किया जा सकता है.
- टॉरपीडो लॉन्चर: तुर्की के इस जहाज पर 2 डबल Mk 32 लॉन्चर लगे हैं. ये पनडुब्बियों के खिलाफ 11 किमी तक प्रभावी हैं.
- रिम-116 रोलिंग एयरफ्रेम मिसाइल: ऐसी 21 मिसाइलों से जहाज लैस है जो 9 किमी तक हवाई हमलों से बचाव कर सकते हैं. यह करीबी हवाई खतरों, जैसे मिसाइलों, को तबाह कर सकता है.
- 12.7mm STAMP रिमोट वेपन स्टेशन: छोटी नौकाओं या नजदीकी खतरों से निपटने के लिए.
जहाज पर हेलिकॉप्टर
इस जहाज पर एक हेलिकॉप्टर डेक और हैंगर है जो S-70B सीहॉक जैसे ASW हेलिकॉप्टर को सपोर्ट करता है. ये हेलिकॉप्टर टॉरपीडो और सोनोबॉय के साथ पनडुब्बी-रोधी मिशन में मदद करते हैं.
क्या है जहाज की खासियत
इसकी अधिकतम स्पीड 29 नॉट (54 किमी/घंटा) है. इसकी रेंज 15 नॉट पर 3,500 नॉटिकल मील (6,500 किमी) की दूरी तक जा सकता है. इसमें क्रू की संख्या 93 और अधिकतम 106 तक हो सकती है. तुर्की का दावा है कि यह जहाज स्टील्थ तकनीक से लैस है, जिससे रडार पर पकड़ में आना मुश्किल होता है. यह क्षेत्रीय मिशनों के लिए ठीक है, लेकिन भारत की नौसेना की ताकत के सामने यह इतना खास नहीं है.
भारत के कोरवेट्स का दम
INS कुठार और INS खंजर जैसे कामोर्ता-क्लास कोरवेट्स TCG बुयुकाडा से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं. इनकी रेंज और हथियारों की मारक क्षमता तुर्की के जहाज को पीछे छोड़ती है. भारत के जहाजों पर ब्रह्मोस मिसाइल लगी हैं जो 400 किमी तक निशाना साध सकती है. ये हार्पून मिसाइल से कहीं आगे है. इसकी स्पीड और सटीकता दुश्मन जहाजों के लिए घातक है. इसके अलावा भारत के पास विक्रांत जैसे स्वदेशी विमानवाहक पोत, विशाखापट्टनम-क्लास डिस्ट्रॉयर, और शिवालिक-क्लास फ्रिगेट्स हैं, जो लंबी दूरी के युद्ध और क्षेत्रीय प्रभुत्व में तुर्की-पाक गठजोड़ से कहीं आगे हैं.