February 21, 2026
Trending

प्रेमानंद जी का संदेश: क्या रोज मंदिर जाना जरूरी है? जानें क्या कहा महाराज ने?

  • May 6, 2025
  • 0

Last Updated:May 06, 2025, 04:45 IST Premanand Ji Maharaj :प्रेमानंद जी महाराज का संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो धर्म को सिर्फ रस्मों से जोड़ते हैं.

प्रेमानंद जी का संदेश: क्या रोज मंदिर जाना जरूरी है? जानें क्या कहा महाराज ने?

Last Updated:

Premanand Ji Maharaj :प्रेमानंद जी महाराज का संदेश उन सभी लोगों के लिए है जो धर्म को सिर्फ रस्मों से जोड़ते हैं. उन्होंने बताया कि असली धर्म मन की सफाई और अच्छे कर्मों में है.

प्रेमानंद जी का संदेश: क्या रोज मंदिर जाना जरूरी है? जानें क्या कहा महाराज ने?

Yashoraj IT Solutions

प्रेमानंद महाराज का संदेश

हाइलाइट्स

  • प्रेमानंद जी: असली धर्म मन की सफाई और अच्छे कर्मों में है.
  • मंदिर से ज़्यादा जरूरी है मन का मंदिर साफ रखना.
  • बुज़ुर्गों की सेवा भी मंदिर जाने के बराबर है.

Premanand Ji Maharaj : आज के समय में लोग धर्म के बारे में बहुत सोचते हैं, लेकिन समझ कम पाते हैं. इसी उलझन में कई लोग ऐसे भी होते हैं जो रोज मंदिर नहीं जा पाते और उन्हें लगता है कि कहीं वे कोई गलती तो नहीं कर रहे. सोशल मीडिया पर अक्सर प्रेमानंद जी महाराज के वीडियो वायरल होते रहते हैं, जिनमें वे भक्तों के ऐसे ही सवालों का बहुत शांत और साफ तरीके से जवाब देते हैं.

प्रेमानंद जी महाराज का नाम आज किसी पहचान का मोहताज नहीं है. वे बहुत बड़ी संख्या में लोगों के लिए एक मार्गदर्शक बन चुके हैं. देश ही नहीं, विदेशों में भी लोग उनके बताए रास्ते को अपनाते हैं. उनकी बातें लोगों को सीधी लगती हैं क्योंकि उनमें दिखावा नहीं होता, सच्चाई होती है.

यह भी पढ़ें – सप्ताह की शुरुआत सफेद से करें: जानिए सोमवार को सफेद कपड़े पहनने के 6 अद्भुत फायदे, क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

क्या मंदिर जाना जरूरी है?
एक बार एक भक्त ने प्रेमानंद जी महाराज से पूछा कि क्या रोज मंदिर जाना जरूरी होता है? इस पर उन्होंने बहुत सुंदर और गहरा जवाब दिया. उन्होंने कहा, “जब आपका मन साफ हो, किसी के लिए बुरा न सोचें, झूठ न बोलें, किसी का दिल न दुखाएं तब आप घर पर रहकर भी भगवान के पास हैं. लेकिन अगर आप मंदिर जाते हैं और बाहर आकर फिर गलत काम करते हैं, तो ऐसा जाना किसी काम का नहीं है.”

सच्ची भक्ति कहां है?
प्रेमानंद जी महाराज मानते हैं कि मंदिर से ज़्यादा जरूरी है मन का मंदिर. अगर आपका मन साफ नहीं है, तो चाहे आप कितनी भी पूजा पाठ कर लें, उसका कोई असर नहीं होता. उन्होंने कहा कि असली पूजा तब मानी जाती है जब इंसान अंदर से साफ हो और किसी के लिए बुरा न चाहे.

यह भी पढ़ें – किस्मत बदल देंगे वास्तु के ये उपाय! घर में रुकने लगेगा पैसा, जानें क्या करें और क्या करने से बचें?

घर में भी हो सकता है पूजा का भाव
महाराज जी कहते हैं कि जो लोग रोज मंदिर नहीं जा सकते, उन्हें खुद को गलत नहीं समझना चाहिए. अगर आप घर पर माता पिता या किसी बुज़ुर्ग की सेवा करते हैं, तो वह भी किसी मंदिर जाने से कम नहीं है. बुज़ुर्गों का आशीर्वाद ही सबसे बड़ी पूजा है. उनका मानना है कि भगवान सिर्फ मंदिर में नहीं रहते, वे हर उस इंसान में हैं जिसके साथ हम प्यार और ईमानदारी से पेश आते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

homedharm

प्रेमानंद जी का संदेश: क्या रोज मंदिर जाना जरूरी है? जानें क्या कहा महाराज ने?

source

Dental CLinic Pro
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar