January 30, 2026
Trending

प्रतिबंध या पेट पर लात..प्रशासन का एक फरमान, 200 परिवारों की आजीविका संकट में!

  • May 10, 2025
  • 0

खंडवा. आज हम आपको खंडवा ज़िले के उस मोहल्ले में ले चलेंगे जहां हर साल गणेशोत्सव और नवरात्रि के लिए हजारों मूर्तियां तैयार होती थीं. लेकिन इस बार

प्रतिबंध या पेट पर लात..प्रशासन का एक फरमान, 200 परिवारों की आजीविका संकट में!

खंडवा. आज हम आपको खंडवा ज़िले के उस मोहल्ले में ले चलेंगे जहां हर साल गणेशोत्सव और नवरात्रि के लिए हजारों मूर्तियां तैयार होती थीं. लेकिन इस बार वहां सन्नाटा पसरा है. वजह है- प्रशासन द्वारा पीओपी मूर्तियों पर लगाया गया प्रतिबंध. इस फैसले ने प्रजापति समाज की आजीविका को सीधे संकट में डाल दिया है.

Yashoraj IT Solutions

खंडवा के प्रजापति मोहल्ले में लगभग 200 परिवार मूर्ति निर्माण की परंपरा से जुड़े हैं. दिवाली के बाद से ही ये लोग मूर्तियों का निर्माण शुरू कर देते हैं और महीनों की मेहनत के बाद त्योहारों के लिए रंग-बिरंगी मूर्तियां तैयार होती हैं. लेकिन इस बार प्रशासन ने पीओपी यानी प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्तियों पर रोक लगा दी है. बिक्री पर प्रतिबंध के साथ कई घरों से तैयार मूर्तियां जब्त भी की गईं हैं.

80 प्रतिशत मूर्तियां पहले ही बन चुकी थीं
समाज का कहना है कि जब प्रशासन का आदेश आया, तब तक लगभग 80 प्रतिशत मूर्तियां बन चुकी थीं. अब न तो इन्हें बेचने की इजाजत है और न ही खर्च की भरपाई का कोई रास्ता बचा है. महीनों की मेहनत और सामग्री पर किया गया निवेश पूरी तरह बर्बाद हो गया है.

पीढ़ियों से कर रहे हैं मूर्तिकला
स्थानीय कलाकारों ने बताया कि यह काम वे दो-दो पीढ़ियों से कर रहे हैं. उनके पास दूसरा कोई व्यवसाय नहीं है. अब अगर यह काम भी बंद हो गया तो उनके बच्चों का भविष्य अधर में लटक जाएगा.

प्रशासन की दलील, पर्यावरण को नुकसान
प्रशासन का कहना है कि पीओपी से बनी मूर्तियां पर्यावरण और जल स्रोतों के लिए हानिकारक हैं. लेकिन समाज का तर्क है कि अगर यह सामग्री सच में इतना नुकसानदेह होती तो वे खुद जो सालों से इसके बीच जी रहे हैं, गंभीर बीमारियों के शिकार हो चुके होते.

दोहरा मापदंड होने का आरोप
प्रजापति समाज का यह भी आरोप है कि बाहर से आने वाली बड़ी-बड़ी मूर्तियों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है. सिर्फ स्थानीय कारीगरों को निशाना बनाया जा रहा है. समाज इसे दोहरा मापदंड मान रहा है.

वैकल्पिक सामग्री और राहत नीति की मांग
मूर्तिकारों ने प्रशासन से मांग की है कि यदि पीओपी का प्रयोग बंद किया जा रहा है तो वैकल्पिक सामग्री और उसका प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए. साथ ही जो मूर्तियां पहले ही बन चुकी हैं, उन्हें बेचने की अनुमति या फिर आर्थिक राहत दी जाए.

सरकार को चाहिए ठोस समाधान
प्रजापति समाज की मांग है कि सरकार या तो इस संकट का ठोस समाधान निकाले या फिर उन्हें वैकल्पिक और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराए. क्योंकि यह सिर्फ कला नहीं, इन परिवारों की आजीविका से जुड़ा सवाल है.

source

Dental CLinic Pro
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar
yashoraj infosys : best web design company in patna bihar