पूजा-पाठ के दौरान करें इन वास्तु नियमों का पालन, घर में आएगी खुशहाली
April 25, 2025
0
Last Updated:April 25, 2025, 14:44 IST Vastu Tips For Temple: पूजा-पाठ के दौरान वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. गणेश
Last Updated:
Vastu Tips For Temple: पूजा-पाठ के दौरान वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है. गणेश जी, शिव जी, विष्णु जी, सूर्य देव और मां दुर्गा की पूजा आवश्यक है.
पूजा-पाठ के दौरान वास्तु शास्त्र के नियम अपनाने चाहिए.
हाइलाइट्स
पूजा के दौरान पंच देव की पूजा करें.
पूजा घर में मूर्तियों का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा में रखें.
तुलसी की मंजरी भगवान विष्णु पर चढ़ाएं.
Vastu Tips For Temple : हिंदू धर्म में हर घर में लगभग पूजा – पाठ किया जाता है.पूजा पाठ के दौरान हमारे धर्म शास्त्रों में अनेकों नियम बताये गये हैं. पूजा करते समय हमें इन नियमों का पालन करना चाहिए. वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि हम इन नियमों का पालन करते हैं तो हमारे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढेगा और नकारात्मकता धीरे धीरे खत्म हो जाएगी. इससे हमारे घर में खुशियों का माहौल होगा. धन, पद, प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. आइये जानते हैं इन आसान वास्तु नियमों के बारे में जिन्हें पूजा करते समय हमें ध्यान रखना चाहिए.
किसी भी घर में काम से कम पंच देव की पूजा अवश्य करनी चाहिए गणेश जी, शिव जी, भगवान विष्णु, सूर्य देव और मां दुर्गा. पूजन के समय हमें पूर्ण रूप से ईश्वर के प्रति संकल्पित और समर्पित होना चाहिए.
घर के अंदर 2 शिवलिंग, 3 गणेश जी की प्रतिमा एवं 2 शंख,2 सूर्य प्रतिमा या चित्र एवं दुर्गा माता की 2 मूर्ति, 2 गोमती चक्र और 2 शालिग्राम रखकर उनकी पूजा करनी चाहिए. इससे घर में सुख शांति बनी रहती है.
शालिग्राम को भगवान विष्णु का प्रतिनिधि माना जाता है. घर में इन्हें स्थापित करने के लिए प्राण प्रतिष्ठा की आवश्यकता नहीं होती है.
पूजन के पश्चात मां दुर्गा की 1, सूर्य देव की 7, गणेश जी की 3, भगवान विष्णु की 4 और शिवजी की आधी परिक्रमा करने का ही नियम है.
तुलसी के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है तुलसी की मंजरी किसी भी पुष्प से अधिक महत्वपूर्ण है. पूजन के दौरान भगवान विष्णु पर तुलसी की मंजरी चढ़ाने से सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है.
घर के अंदर भगवान भोलेनाथ की नटराज की मूर्ति यानी नृत्य करती हुई प्रतिमा नहीं रखनी चाहिए. यह प्रतिमा महादेव के गुस्से का प्रतीक है.
घर या पूजा स्थल में महाभारत के युद्ध की फोटो या प्रतिमा कभी भी नहीं लगानी चाहिए. इससे घर के अंदर व्यक्तियों के बीच मनमुटाव की स्थिति गंभीर हो जाती है.
पूजा घर में रखी मूर्तियों का मुख कभी भी उत्तर या दक्षिण दिशा में नहीं होना चाहिए.
घर के पूजा घर में पूर्वी या पश्चिम दिशा में देवताओं की मूर्तियां स्थापित की जानी चाहिए.
पूजा घर के अंदर हल्के पीले रंग को अत्यंत शुभ माना जाता है अतः दीवालों पर इस रंग का प्रयोग किया जाना चाहिए. पूजा घर के फॉर स या अन्य स्थानों पर लगा हुआ पत्थर सदैव पीले अथवा सफेद रंग का होना चाहिए. इससे घर में सुख समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होती है.