पिता के सामने सिगरेट-शराब पीने वाले 'ए मेरी जोहरा जबीं' फेम हीरो का असली नाम?
- May 1, 2025
- 0
Last Updated:May 01, 2025, 00:16 IST बलराज साहनी के बारे में आप कितना जानते हैं, जिनके अभिनय और बोलने के अंदाज को इतना पसंद करते हैं, उनका असली
Last Updated:May 01, 2025, 00:16 IST बलराज साहनी के बारे में आप कितना जानते हैं, जिनके अभिनय और बोलने के अंदाज को इतना पसंद करते हैं, उनका असली
Last Updated:

हाइलाइट्स
नई दिल्लीः ‘ऐ मेरी जोहरा जबीं…’ये एवरग्रीन गाना कभी पुराना नहीं होगा. मन्ना डे की आवाज में सजे इस गाने को मंझे हुए कलाकार बलराज साहनी पर फिल्माया गया था. खैर! ये तो थी एक गाने की बात, मगर अपने अभिनय से फिल्मों में जान डालने वाले बलराज साहनी के बारे में आप कितना जानते हैं, जिनके अभिनय और बोलने के अंदाज को इतना पसंद करते हैं, उनका असली नाम क्या है? 1 मई को उनकी जयंती है. तो आइए उनकी जिंदगी की किताब के पन्नों को पलटते हैं और जानते हैं यहां…
बलराज साहनी ने ‘इंसाफ’ से अभिनय में डेब्यू किया था
बलराज साहनी का असली नाम युधिष्ठिर साहनी था जिसके बारे में शायद ही कोई जानता होगा. 1 मई 1913 को रावलपिंडी में उनका जन्म हुआ था जो कि अब पाकिस्तान में है लेकिन पहले वो भारत का हिस्सा हुआ करता था. साहनी के पिता हिंदू सुधारवादी आंदोलन से संबंधित आर्य समाज संगठन से जुड़े थे. साहनी काफी कम उम्र से ही अभिनय की ओर आकर्षित हो गए थे. अभिनय के इस शौक ने उन्हें इंडियन पीपुल्स थियेटर एसोसिएट में दाखिला करवा दिया. उन्होंने 1946 में रिलीज हुई फिल्म ‘इंसाफ’ से डेब्यू किया था. इस फिल्म के बाद वो कई फिल्मों में नजर आए. हालांकि, साहनी को पहचान साल 1953 में आई बिमल रॉय की फिल्म ‘दो बीघा जमीन’ से मिली. इस फिल्म ने उन्हें बेहतरीन और मंझे हुए कलाकार की लिस्ट में शामिल कर दिया. फिल्म के लिए उन्हें कान्स फिल्म फेस्टिवल में नवाजा गया था.
इन फिल्मों के लिए जाने जाते थे साहनी
साहनी के किस्सों पर नजर डालें तो वह मार्क्सवादी थे और इस विचारधारा की वजह से उन्होंने कहा था कि ‘जब मेरी मौत होगी और मेरी अंतिम यात्रा निकलेगी तो मेरे शरीर पर लाल रंग का झंडा डाल देना.’ अभिनेता को ‘धरती के लाल’, ‘दो बीघा जमीन’, ‘छोटी बहन’, ‘काबुलीवाला’, ‘वक्त’ और ‘गर्म हवा’ जैसी फिल्मों में काम के लिए जाना जाता है. उन्होंने भारतीय सिनेमा में 105 फिल्मे की हैं.
