पानी के लिए 'महाभारत': हरियाणा का पंजाब पर हल्ला बोल, SC जाने की तैयारी
- May 2, 2025
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Last Updated:May 02, 2025, 20:36 IST Haryana Punjab Water Dispute: हरियाणा ने पंजाब के साथ पानी विवाद में आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है. सर्वदलीय बैठक
Last Updated:May 02, 2025, 20:36 IST Haryana Punjab Water Dispute: हरियाणा ने पंजाब के साथ पानी विवाद में आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है. सर्वदलीय बैठक
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पानी के लिए हरियाणा सरकार पंजाब के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में. (फाइल फोटो PTI)
हाइलाइट्स
चंडिगढ़: पानी की एक-एक बूंद के लिए हरियाणा अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है. पंजाब के साथ पानी के बंटवारे को लेकर छिड़े घमासान में हरियाणा सरकार ने आखिरकार कमर कस ली है. कल दोपहर 2:00 बजे चंडीगढ़ में एक सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है. इसमें मुख्यमंत्री नायब सैनी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल होंगे. इस बैठक का एजेंडा साफ है- पंजाब पर दबाव बनाना और हरियाणा के हक का पानी हर हाल में हासिल करना.
दरअसल हरियाणा और पंजाब के बीच पानी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है. हाल ही में केंद्रीय गृह सचिव ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) के बांधों से अगले आठ दिनों के लिए हरियाणा की तत्काल पानी की जरूरतों पर चर्चा के लिए एक बैठक की थी. इस बैठक में फैसला हुआ कि BBMB हरियाणा को 4500 क्यूसेक अतिरिक्त पानी देगा. हालांकि यह राहत सिर्फ आठ दिनों के लिए है और हरियाणा सरकार इसे स्थायी समाधान नहीं मान रही है.
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हरियाणा की सिंचाई मंत्री ने पंजाब सरकार पर लगाया गंभीर आरोप
इसी कड़ी में हरियाणा सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है. सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने इसकी जानकारी दी है. माना जा रहा है कि आज ही हरियाणा सरकार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर देगी. श्रुति चौधरी ने आगे कहा, “पानी एक संवेदनशील मुद्दा है लेकिन जिस तरह से वे (आप के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार) राजनीति कर रहे हैं. वे लोगों से झूठ बोल रहे हैं कि हरियाणा अपने हिस्से का पानी इस्तेमाल कर रहा है. चूंकि अब दिल्ली उनके हाथ से निकल गई है, इसलिए जैसा कि उनके ‘गुरु’ अरविंद केजरीवाल हरियाणा को दोषी ठहराते थे, वे भी वैसा ही कर रहे हैं. अब वे पंजाब भी खो देंगे, क्योंकि वे राज्य में नाटक कर रहे होंगे और कोई काम नहीं कर रहे होंगे. अब हम सुप्रीम कोर्ट जैसे दूसरे विकल्प की तलाश कर रहे हैं और इसे केंद्र स्तर पर ले जा रहे हैं. “
कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाया आरोप
वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस जल संकट के लिए सीधे तौर पर हरियाणा की बीजेपी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि सिर्फ पंजाब को दोषी ठहराकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती. हुड्डा ने पंजाब पर दबाव बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाने और विधानसभा सत्र आयोजित करने की मांग की है. उन्होंने यह भी कहा कि हरियाणा के सभी नेताओं को मिलकर प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए.
पंजाब के नेता सुनील जाखड़ का बयान भी सामने आया है. बयान में उन्होंने साफ कह दिया है कि उनके पास हरियाणा को देने के लिए एक बूंद भी अतिरिक्त पानी नहीं है. इस बयान ने मामले को और भी तूल दे दिया है. अब इस पूरे विवाद में केंद्र सरकार को भी दखल देना पड़ा है. अगले आठ दिनों तक भाखड़ा डैम से हरियाणा के लिए अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा, लेकिन यह सिर्फ तात्कालिक राहत है. हरियाणा सरकार अब इस पानी की लड़ाई को निर्णायक मोड़ पर ले जाना चाहती है, जिसके लिए सर्वदलीय बैठक और सुप्रीम कोर्ट का सहारा लिया जा रहा है.
