पाक सेना में पंजाबी सैनिक है खास, गैर पंजाबियों की नहीं कोई बिसात
- April 26, 2025
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Last Updated:April 26, 2025, 00:40 IST PAK 10 CORPS: पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति बेहद खराब है. एक तरफ से बलूच और TTP मार रहे हैं, दूसरी तरफ भारत
Last Updated:April 26, 2025, 00:40 IST PAK 10 CORPS: पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति बेहद खराब है. एक तरफ से बलूच और TTP मार रहे हैं, दूसरी तरफ भारत
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पाक सेना मौत के मुंह में झोक देती है खैबर और बलूच के सैनिको को
PAK 10 CORPS: भारतीय सेना में दो बार पाओके में घुसकर आतंकियों के खिलाफ कार्रवाइयों को अंजाम दिया. एक बार 2016 में उरी हमले के बाद 29 सितंबर को दिया तो दूसरा पुलवामा आतंकी हमले के बाद 26 फरवरी 2019 में भारतीय वायुसेना ने बालाकोट में एयर स्ट्राइक किया. तीसरा कभी भी हो सकता है. लेहाजा तीसरे अटैक का डर ने मूवमेंट पिछले साल जम्मू हमले के बाद से ही शुरू हो गई थी. LOC और IB पर पाकिस्तान ने हाई अलर्ट जारी किया हुआ है. पीओके में तैनात अपनी सेना के कोर के सभी डिविजन को संभावित भारतीय सेना के पलटवार से आगह किया हुआ है. खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के 10 कोर जिसकी ज़िम्मेदारी पूरे पीओके की है. उसने अपनी सेना की संख्या को पिछले साल ही बढ़ा दिया था. उसके तहत आने वाली 649 मुजाहिद बटालियन (बारोह) और 65 फ्रंटियर फोर्स (तंदर )को भारतीय सेना के किसी भी रेड को रोकने के लिए अलर्ट पर रखा गया है. बहावलपुर स्थित सेना के 31 कोर के 5-फ्रंटियर कोर विंग भी अलर्ट पर है. बहावलपुर वही जगह है जहां पर जैश का हेडक्वाटर है इस जगह की एरियल सुरक्षा के लाए बाकायदा एयर डिफेंस सिस्टम 3 साल पहले तैनात कर दिया गया था. इसके अलावा अमृतसर के दूसरी ओर काला खटाई में 27 FC विंग तो जैसलमेर के दूसरी ओर 5 कोर के 50 FC विंग (सरोहा ) और हैदराबाद के 18 इंफेंट्री डिविजन हेडक्वॉटर को हाई अलर्ट पर रखा है.
पाक सेना का नापाक कोर है 10 कोर
पाकिस्तान के चार प्रांत है. पंजाब, सिंध, बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा. लेकिन पाकिस्तान सिर्फ पंजाब तक ही सीमित है. सभी बड़े राजनैतिक के नेता पंजाब से, सेना के बड़े अफसर पंजाब के, सारी सुविधाएं पंजाब के लिए और सारा पैसा भी पंजाब के पास ही है. बाकि तीन प्रांत में से सिंध को थोड़ा बहुत सुविधाएं है. लेकिन बलूचिस्तान और खैबर के लोग पाक के लिए कोई मायने भी नहीं रखते. उनकी जान इतनी सस्ती है कि मरने के लिए उन्हें मौत के मुंह में धकेल देता है. पाक सेना ने तो इसकी मिसाल पेश की है. पाकिस्तानी सेना की 10 कोर (10 Corps) जिम्मेदारी में पूरा POK है. भारत में होने वाली सारी घुसबैठ की कोशिशों के लिए यह कोर ही जिम्मेदार है. सुन का चौक जाएंगे कि पाक इस कोर में पाकिस्तान पंजाब के सैनिकों और अफसरों की की संख्या सिर्फ 20 फीसदी है. बाकी 80 फीसदी नॉन पंजाबी सैनिक मौजूद है. पंजाबी सैनिकों को सुरक्षित पोस्टिंग दी जाती है. जब्कि
मौज उड़ाते पंजाब के सैनिक, मारे जाते है बलूच और खैबर के लोग
10 कोर के तहत कुल 5 डिविजन आती है. इसमें 12 इंफेंट्री डिविजन, 23 इंफेंट्री डिविजन, 19 इंफेंट्री डिविजन (रिजर्व), FCNA(फोर्स कमांड नॉर्दर्न एरिया), 34 लाइट इंफेट्री डिविजन, 111 इंफेंट्री ब्रिगेड इसे कू ब्रिगेड के नाम से जाना जाता है. पाकिस्तान में तख्तापलट के लिए इसी ब्रिगेड का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा इंडिपेंडेन्ट आर्मर्ड, आर्टिलरी, सिंगनल और इंजीनियरिंग ब्रिगेड है.सूत्रों की माने तो इसमें 80 फीसदी गैर पंजाबी सैनिक है. सिर्फ 20 फीसदी के करीब ही पंजाब से हैं. पाकिस्तान के पंजाबी सैनकों की तैनाती इंटरनेश्नल बॉर्डर पर है. जहां जब तक जंग नहीं होती तब तक खतरा ही नहीं है. लेकिन LOC पर हर रोज जान का खतरा बना रहता है. हमले आतंकियों से करवाए जाते है और भारत के कहर को झेलने के लिए इनको आगे किया जाता है. कारगिल की चोटियों पर पाकिस्तान ने अपनी नॉर्दर्न लाइट इंफेंट्री को ही आगे किया था. भारतीय सेना के हाथो मारे गए सैनिकों में ज्यादातर NLI के थे. जिन्हे उसने वापस लेने से ही इनकार कर दिया था.
