नई दिल्ली: भारत में वॉइस ऑफ क्रिकेट कहलाए जाने वाले हर्षा भोगले पिछले कुछ दिनों से खबरों में बने हुए हैं. कहा गया कि आईपीएल के मौजूदा सत्र में क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने उन्हें कोलकाता में कमेंट्री करने नहीं दिया. बाद में विवाद बढ़ने के बाद हर्षा भोगले ने अपना पक्ष रखा. इस बात को भले ही हफ्ते भर होने वाले हैं, लेकिन हर्षा भोगले लगातार चर्चाओं में बने हुए हैं.
प्रोफेसर मां-बाप के बेटे
इंटरनेट पर लोग लगातार हर्षा भोगले के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं. चलिए आपको इस दिग्गज कमेंटेटर की लाइफ के कुछ दिलचस्प फैक्ट्स बताते हैं. 19 जुलाई 1961 को पैदा हुए हर्षा भोगले का जन्म हैदराबाद के मराठी भाषी परिवार में हुआ था. उनके पिता अच्युत भोगले फ्रैंच भाषा के प्रोफेसर थे. मां शालिनी कॉलेज में साइकोलॉजी पढ़ाती थी. एक पॉडकास्ट में हर्षा भोगले ने बताया था कि उनकी मां का परिवार मूलत: लाहौर का रहने वाला था. विभाजन के बाद भारत आया था.
हर्षा भोगले
इंजीनियरिंग फिर IIM से पढ़ाई
हर्षा भोगले ने हैदराबाद पब्लिक स्कूल से पढ़ाई की. उस्मानिया विश्वविद्यालय से केमिकल इंजीनियरिंग में बी. टेक की डिग्री ली. इसके बाद प्रतिष्ठित आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए किया. इंजीनियरिंग और एमबीए करने के बाद हर्षा भोगले ने एडवर्टाइज एजेंसी में जॉब शुरू की. यहां ढ़ाई साल तक विज्ञापन बनाने की कला समझने के बाद उन्होंने स्पोर्ट्स मैनेजमेंट कंपनी में काम करना शुरू कर दिया.
फिर कमेंटेटर कैसे बने हर्षा?
शुरुआती दौर में हर्षा भोगले ने हैदराबाद में ए डिविजन क्रिकेट खेला और रोहिंटन बारिया टूर्नामेंट में उस्मानिया विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया. उन्होंने हैदराबाद में रहते हुए 19 साल की उम्र में ऑल इंडिया रेडियो के साथ कमेंट्री करना शुरू की. 1991-92 में वह 1992 क्रिकेट विश्व कप से पहले भारत की क्रिकेट सीरीज के दौरान ऑस्ट्रेलियाई प्रसारण निगम द्वारा आमंत्रित किए जाने वाले पहले भारतीय कमेंटेटर बने. उन्होंने तब से भारत के ऑस्ट्रेलियाई दौरों के दौरान एबीसी रेडियो ग्रैंडस्टैंड के लिए काम किया है, और आठ साल तक 1996 और 1999 क्रिकेट विश्व कप में उनकी कमेंट्री टीम के हिस्से के रूप में बीबीसी के लिए काम किया है. 1995 से वे ईएसपीएन स्टार स्पोर्ट्स के लिए दुनिया भर से लाइव क्रिकेट कमेंट्री कर रहे हैं.
BCCI कर चुका है बैन
हर्षा भोगले 2009 से इंडियन प्रीमियर लीग सीजन को कवर करते आ रहे रहे हैं. अप्रैल 2016 में उन्हें बीसीसीआई द्वारा कमेंट्री टीम से हटा दिया गया था. तब कोई आधिकारिक कारण भी नहीं बताया गया, लेकिन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार भारतीय खिलाड़ियों की आलोचना उन पर भारी पड़ी.
अपनी पत्नी के साथ हर्षा भोगले
क्लासमेट अनीता से शादी
साल 2013 में जब सचिन तेंदुलकर ने अपना आखिरी टेस्ट खेला तब हर्षा भोगले ही कमेंट्री कर रहे थे. हर्षा भोगले भोगले की शादी अनीता से हुई है, जो आईआईएम अहमदाबाद में उनकी क्लासमेट थी. कपल अपने दोनों बेटों के साथ मुंबई में रहता है.