जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कमान खुद पाकिस्तानी आतंकवादी के हाथ में थी. खुफिया सूत्रों के मुताबिक, इस हमले में लगभग 6 आतंकी शामिल थे. इनमें दो विदेशी आतंकी हैं. इन आतंकवादियों के पास एक-47 जैसी राइफल मौजूद थी. दक्षिण कश्मीर के कोकरनाग-पुलवामा और सोपिया इलाके में सुरक्षाबलों का ऑपरेशन जारी है. सुबह तक आतंकियों के खात्मे को लेकर कोई बड़ा अपडेट मिल सकता है.
खुफिया सूत्रों के मुताबिक, अब तक की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. पता चला है कि पहलगाम आतंकवादी हमले की कमान खुद पाकिस्तानी आतंकवादी संभाल रहा था. उसके साथ मौजूद आतंकवादियों में कम से कम एक और विदेशी आतंकवादी भी शामिल था. आतंकवादियों की तादाद लगभग आधा दर्जन थी. यह भी पता चला है कि इन आतंकवादियों के पास आधुनिक हथियारों से लेकर आपस में बात करने वाले आधुनिक उपकरण भी मौजूद थे. इन आतंकवादियों ने संभवत: इसी इलाके की रेकी भी की थी.
रेकी में किसका हाथ
अब तक की जांच के दौरान यह बात भी निकल कर सामने आई है कि आतंकवादियों को इस बात का एहसास था कि इस इलाके में पुलिस और सुरक्षा बलों की मौजूदगी भी काफी कम है. क्योंकि यही इलाका सैलानियों से भरा रहता है. यहां पर आज तक कोई ऐसी बड़ी आतंकवादी वारदात भी नहीं हुई थी. माना जा रहा है कि आतंकवादियों को रेकी कराने में कुछ ओवर ग्राउंड वर्कर का हाथ भी रहा होगा. यह भी पता चला है कि जो आतंकवादी इस ग्रुप को लीड कर रहा था, वह पिछले कुछ समय पहले ही पाकिस्तान से भारत आया था. माना जा रहा है कि यह पाकिस्तानी आतंकवादी पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के लगातार संपर्क में था और वहीं से लगातार गाइडलाइन ले रहा था.
कई इलाकों में चल रही छापेमारी
खुफिया एजेंसी के एक आला अधिकारी के मुताबिक, इस मामले में शामिल आतंकवादियों के बारे में कई महत्वपूर्ण क्लू हाथ लगे हैं जिनके आधार पर दक्षिण कश्मीर के अनेक स्थानों पर छापेमारी की जा रही है. इस छापेमारी में कोकर नाग.. पुलवामा और सोपिया जिले के भी कुछ इलाके शामिल हैं. माना जा रहा है कि जल्द ही खुफिया और सुरक्षा एजेंसियां इस मामले में गुनहगारों के बेहद नजदीक पहुंच सकती हैं. ध्यान रहे कि इस आतंकवादी वारदात में अनेक लोग मारे गए हैं जबकि अनेक घायल हुए हैं. साल 2000 के बाद पाक समर्थक आतंकवादियों द्वारा बेगुनाह लोगों को मारे जाने का यह सबसे बड़ा हत्याकांड है.