पहलगाम हमले को लेकर मुस्लिम समाज ने निकाला जुलूस, पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे
- April 28, 2025
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Last Updated:April 28, 2025, 21:23 IST पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में हर जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. इसी को लेकर उदयपुर
Last Updated:April 28, 2025, 21:23 IST पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देश में हर जगह विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. इसी को लेकर उदयपुर
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हाइलाइट्स
गोगुंदा (उदयपुर):- कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के खिलाफ विरोध अब केवल शहरों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी इसका विरोध तेज हो गया है. सोमवार को उदयपुर जिले के गोगुंदा कस्बे में मुस्लिम समाज ने आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन किया और पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए. इस प्रदर्शन का आयोजन मदरसा मोइनुल इस्लाम इंतेजामिया कमेटी द्वारा किया गया था, जिसमें समाज के लोग और स्थानीय नागरिक शामिल हुए.
प्रदर्शनकारी एक जुलूस के रूप में गोगुंदा की प्रमुख मस्जिद से निकले और कस्बे के विभिन्न मार्गों से होते हुए उपखंड कार्यालय पहुंचे. जुलूस में शामिल लोग आतंकवाद के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी एकजुटता दिखा रहे थे. प्रदर्शनकारियों ने न केवल आतंकवाद का विरोध किया, बल्कि देशभक्ति के नारे भी लगाए, जो उनकी देश के प्रति निष्ठा को दर्शाते थे. “पाकिस्तान मुर्दाबाद” और “आतंकवाद का विरोध करें” जैसे नारे इस प्रदर्शन में गूंज रहे थे.
राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन
जुलूस के बाद, गोगुंदा एसडीएम और आईएएस अधिकारी शुभम जैन को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया. ज्ञापन में प्रदर्शनकारियों ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवादियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की. उन्होंने यह भी कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए और ऐसे हमलों से निपटने के लिए सख्त कानून बनाने की आवश्यकता है.
आतंकवाद के खिलाफ आवाज
गोगुंदा के मुस्लिम समाज ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका इस प्रदर्शन का उद्देश्य सिर्फ आतंकवाद के खिलाफ आवाज उठाना था और वे किसी भी प्रकार के आतंकवादी हमलों को सख्त शब्दों में नकारते हैं. प्रदर्शनकारियों ने इस बात को भी कहा कि वे अपने देश की शांति और एकता के पक्ष में हैं और किसी भी प्रकार की हिंसा का विरोध करते हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस प्रदर्शन के दौरान गोगुंदा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस प्रशासन ने जुलूस की निगरानी की और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्था की. प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों की मांगों को गंभीरता से लिया. इस जुलूस और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया से यह स्पष्ट होता है कि आतंकवाद के खिलाफ स्थानीय समुदाय में जागरूकता बढ़ रही है और वे इसे किसी भी हाल में बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं.
