Pahalgam Terror Attack Husband Killed News: पहलगाम आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. इस हमले में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग अभी भी जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. लेकिन इस घटना के वक्त एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसको देखकर हर भारतीय का खून खौल रहा है. यह तस्वीर 26 साल की एक ऐसी लड़की की है, जिसकी शादी 16 अप्रैल को ही हुई थी. शादी के दो दिन बाद वह हनीमून मनाने श्रीनगर पहुंची और फिर वहां से पहलगाम चली गई. लेकिन होनी को कुछ और मंजूर था. मंगलवार को आतंकी हमले में उसके सामने ही उसके बहादुर पति को आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी.
नई नवेली दुल्हन हिमानी की तस्वीर जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुई, हर भारतीय का खून खौलने लगा. लेकिन सवाल यह है कि जब इतने सैलानियों की संख्या पहलगाम में थी तो सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त क्यों नहीं थे? टूरिस्ट स्पॉट पर क्या पुलिस की मौजूदगी नहीं थी? अगर जिस जगह पर आतंकियों ने 26 लोगों का खून बहाया उसके 6-8 किलोमीटर के दायरे में क्यों पुलिस नहीं थी? अगर पुलिस नहीं थी तो वहां पर सैलानियों को क्यों जाने दिया गया? क्या इसके लिए सिस्टम जिम्मेदार नहीं है?
पहलगाम का मंजर क्या आप भूल पाएंगे?
पूरा देश पहलगाम के खौफनाक मंजर को सोशल मीडिया और टीवी पर देख-देखकर परेशान है. एक लड़की का फोटो और वीडियो देखकर हर भारतीय गुस्से में है. लेकिन पाकिस्तान है कि बाज आता नहीं है. सरकार भी एक से बढ़कर एक दावे कर रही है, लेकिन अगर उन आतंकियों को मार भी दिया जाएगा तो भी 26 साल की लड़की का सुहाग वापस नहीं आएगा. एक दुल्हन, जिसके हाथों की महेंदी का रंग अभी सूखा भी नहीं था उसकी मांग आतंकियों ने उजाड़ दी. आंतकियों ने एक नई नवेली दुल्हन के सारे अरमान को पलभर में छीन लिया.
एक सुहागन की मांग उजाड़ने वालों की मौत निश्चित?
जरा सोचिये वह मंजर कैसा रहा होगा जब किसी नई नवेली दुल्हन के सामने उसके पति को गोलियों से छलनी किया जा रहा होगा? अपने पति को गोलियों से छलनी होते देख क्या वह यह मंजर जिंदगीभर भुला पाएगी? वह लड़की आतंकियों के सामने हाथ जोड़ती रही, चीखती रही कि ‘मेरे पति को छोड़ दो, मेरे पति को छोड़ दो’ लेकिन आतंकियों का दिल नहीं पसीजा. इस घटना ने भारत में ही नहीं पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है. इस हादसे ने ने केवल भारतीयता बल्कि कश्मीरियत के साथ-साथ इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया है.
यह कहानी करनाल की रहने वाली हिमानी की है. हनीमून मनाने पहलगाम गई थी. लेकिन पहलगाम में आतंकी हमले में उनका सुहाग छिन गया. पति लेफ्टिनेंट विनय नरवाल को आतंकियों ने नहीं बख्शा. विनय करनाल शहर के सेक्टर सेक्टर 7 के रहने वाले थे. 16 अप्रैल की शादी हुई थी औऱ 18 अप्रैल को रिसेप्शन और 22 अप्रैल को विनय नरवाल की हत्या हो गई. मनोवैज्ञानिकों की मानें तो हिमानी को बाकी जिंदगी इस सदमे के साथ ही जीना पड़ेगा. लेकिन हिमानी को अभी अकेला छोड़ना ठीक नहीं है. अभी हिमानी को किसी भी सामाजिक ताने-बाने से सदमा लग सकता है. इसलिए उसको अभी प्यार की जरूरत है. समय सब ठीक कर देगा और वह धीरे-धीरे पुरानी जिंदगी में लौट आएगी.