पटना यूनिवर्सिटी से करना है पीएचडी तो आज से भरें फॉर्म, जानें प्रोसेस
- May 10, 2025
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पटना. अगर आप पीएचडी में एडमिशन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके पास पटना यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का शानदार मौका मिल रहा है. दरअसल, पटना
पटना. अगर आप पीएचडी में एडमिशन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके पास पटना यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का शानदार मौका मिल रहा है. दरअसल, पटना
पटना. अगर आप पीएचडी में एडमिशन लेने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपके पास पटना यूनिवर्सिटी से पीएचडी करने का शानदार मौका मिल रहा है. दरअसल, पटना विश्वविद्यालय में पीएचडी एडमिशन टेस्ट (पैट) 2025 के लिए आज यानी 10 मई से आवेदन की प्रकिया शुरु हो रही है. आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 मई है. यह प्रकिया पूरी तरह से ऑनलाइन है. पटना यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑफिशियल नोटिस जारी कर दिया गया है. आपको बता दें कि इसके लिए जून महीने में एंट्रेस एग्जाम का आयोजन किया जायेगा.
कौन कर सकते हैं पीयू से पीएचडी
पटना यूनिवर्सिटी से वैसे युवा पीएचडी में एडमिशन ले सकते हैं जिनके पास मास्टर्स में न्यूनतम 55% अंक या यूजीसी स्केल-7 में ग्रेड ‘बी’ हों. इसमें आरक्षित वर्ग जैसे एससी, एसटी, ईबीसी, ओबीसी और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत की छूट दी गई है. पैट 2025 के लिए आवेदन शुल्क के रूप में सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को 1000 रुपए और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को 700 रुपए देना होगा. यह प्रक्रिया भी ऑनलाइन पूरी होगी.
एंट्रेस एग्जाम का पैटर्न क्या रहेगा
जून महीने में एडमिशन के लिए एग्जाम का आयोजन किया जायेगा. दो पेपर होंगे पेपर 1 और पेपर 2, 100-100 अंकों के होंगे. पेपर 1 में 50 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होंगे, जो रिसर्च एप्टीट्यूड और जनरल स्टडीज से जुड़े होंगे. परीक्षा की अवधि 1 घंटे की होगी. इसमें कोई निगेटिव मार्किंग नहीं है. पेपर 2 में उम्मीदवार के संबंधित विषय से सवाल पूछे जाएंगे. इसके सवाल पीजी लेवल के होंगे. इस पेपर को तीन भागों में बांटा गया है. इसके लिए दो घंटे का समय दिया जायेगा. इसमें अलग अलग शब्दों में उत्तर देना होगा.
क्वालिफाइंग मार्क्स और इंटरव्यू
एग्जाम होने के बाद सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को परीक्षा पास करने के लिए न्यूनतम 50% अंक और आरक्षित वर्ग को 45% अंक लाना अनिवार्य होगा. सफल अभ्यर्थियों को एक इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा, जो 20 अंकों का होगा. परीक्षा पास करने के बाद प्राप्त प्रमाणपत्र की वैधता तीन वर्षों की होगी.
इन अभ्यर्थियों को टेस्ट से छूट
यूजीसी-नेट, जेआरएफ, गेट, एमएचआरडी स्कॉलरशिप, शिक्षक फेलोशिप धारकों को परीक्षा से छूट मिलेगी. विश्वविद्यालयों में कार्यरत ऐसे असिस्टेंट, एसोसिएट, प्रोफेसर जिनका प्रोबेशन पूरा हो गया है और जिनके पास दो वर्षों का अनुभव है, उन्हें भी परीक्षा से छूट दी गई है. वहीं विश्वविद्यालय के वे कर्मचारी जिनके पास पीजी में 55% अंक हैं और जिनके दो रिसर्च पेपर यूजीसी जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं, उन्हें भी छूट मिलेगी. इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कोर्स में कार्यरत शिक्षकों को किसी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी, उन्हें परीक्षा में भाग लेना अनिवार्य है.
