न बड़ी डिग्री, न नौकरी! सिर्फ छठी पास इस महिला की सालाना कमाई 1 लाख से ज्यादा

Last Updated:
Shilpaben Success Story: शिल्पाबेन केवल छठी कक्षा तक पढ़ी हेैं. शिल्पाबेन मकवाणा प्राकृतिक खेती से सालाना 1 लाख रुपये से अधिक कमाती हैं.

प्राकृतिक खेती से सालाना 1 लाख कमाई
हाइलाइट्स
- शिल्पाबेन प्राकृतिक खेती से सालाना 1 लाख रुपये से अधिक कमाती हैं.
- शिल्पाबेन ने 5 बीघा जमीन पर ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती शुरू की.
- शिल्पाबेन ने वर्मीकम्पोस्ट की ट्रेनिंग ली और 70 महिलाओं को मार्गदर्शन दिया.
भावनगर: गुजरात के भावनगर जिले मामसा गांव में रहने वाली शिल्पाबेन मकवाणा का जीवन सफर एक अनोखी प्रेरणा देता है. केवल छठी कक्षा तक पढ़ी शिल्पाबेन ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर प्राकृतिक खेती में एक नया रास्ता शुरू किया है. उनके पास केवल पांच बीघा जमीन है, लेकिन इस छोटी सी जमीन में भी उन्होंने प्राकृतिक खेती के माध्यम से अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है.
बता दें कि शिल्पाबेन ऋतु के अनुसार लौकी, मेथी, चुकंदर जैसी विभिन्न ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती करती हैं. वे बिना रासायनिक खाद के भी उत्कृष्ट उत्पादन प्राप्त करती हैं, जो बाजार में ऊंचे दामों पर बिकता है. यह प्राकृतिक खेती न केवल उन्हें आर्थिक लाभ देती है, बल्कि जमीन की उर्वरता भी बनाए रखती है.
ऋतु के अनुसार ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती
अपनी सफलता को लेकर लोकल 18 से बात करते हुए शिल्पाबेन ने कहा कि मेरे पास केवल पांच बीघा जमीन है. जिसमें हम ऋतु के अनुसार लौकी, मेथी, चुकंदर जैसी विभिन्न ऑर्गेनिक सब्जियों की खेती करते हैं, जिससे हमें बाजार में ऊंचे दाम मिलते हैं. इसके अलावा हमारे पास तीन पशु भी हैं. उनसे दूध की आमदनी तो होती ही है, साथ ही पशुओं का गोबर भी हमारे लिए लाभदायक साबित होता है. शिल्पाबेन ने ये भी बताया कि आज के आधुनिक युग में चाहे आपने कितना भी उच्च शिक्षा प्राप्त की हो, लेकिन अगर आपके पास कौशल और हुनर नहीं है तो उस शिक्षा का कोई महत्व नहीं है.
वर्मीकम्पोस्ट की ट्रेनिंग ली
अधिक जानकारी देते हुए शिल्पाबेन ने बताया कि प्राकृतिक खेती में डी.ए.पी और यूरिया जैसे रासायनिक खाद के बिना भी भरपूर उत्पादन होता है. रसायनमुक्त खेती से जमीन उर्वर बनती है, इस बारे में हम मामसा गांव की 70 से अधिक महिलाओं को मार्गदर्शन दे रहे हैं. उत्थान संस्था के मार्गदर्शन में हमने कच्छ, आनंद, दिल्ली और अहमदाबाद जैसे स्थानों पर वर्मीकम्पोस्ट की भी ट्रेनिंग ली है. जिसमें हमें आने-जाने की सुविधाएं प्रदान की गई थीं.
भाइयों, इस तकनीक से करो खीरे की खेती! गुजरात का किसान सिर्फ 30 हजार लगाकर एक एकड़ से कमा रहा 1 लाख
सालाना इतनी आमदनी से बनी आत्मनिर्भर
शिल्पाबेन ने कहा कि अपनी कुशलता के बल पर मैं सालाना 1 लाख रुपये से अधिक की आमदनी प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रही हूं और अपने परिवार की मदद कर रही हूं. हमारे बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में भी सहयोग कर रही हूं. इसके अलावा हम घर पर ही जीवामृत, बीजामृत और घनजीवामृत बनाते हैं. 10 लीटर जीवामृत के 100 रुपये, 5 लीटर के 50 रुपये, और 10 पान की दवा के 20 रुपये प्रति लीटर बेचते हैं, जिससे हमें शुद्ध मुनाफा होता है.
