नैनीताल नाबालिग दुष्कर्म केस; सड़क पर जनता, आरोपी को फांसी देने की मांग
- May 2, 2025
- 0
Last Updated:May 02, 2025, 00:19 IST Nainital News: गुरुवार सुबह हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए और फिर माल रोड में जुलूस निकाला. इसके बाद उन्होंने कुमाऊं
Last Updated:May 02, 2025, 00:19 IST Nainital News: गुरुवार सुबह हजारों की संख्या में लोग इकट्ठा हुए और फिर माल रोड में जुलूस निकाला. इसके बाद उन्होंने कुमाऊं
Last Updated:
नैनीताल. उत्तराखंड की सरोवर नगरी नैनीताल की शांत वादियां बुधवार रात से अशांत हैं. बुधवार को विशेष समुदाय के एक 76 वर्षीय बुजुर्ग द्वारा 12 साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने की खबर जैसे ही नैनीताल में फैली, तो स्थानीय लोग और हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतर आए. बुधवार रात नैनीताल की सड़कों पर काफी हंगामा हुआ, समुदाय विशेष की दुकानों में तोड़फोड़ की गई, उनसे मारपीट की गई और जमकर प्रदर्शन हुआ. पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया था. प्रदर्शनकारी उसे उनके हवाले करने और आरोपी को फांसी देने की मांग कर रहे थे.
पुलिस ने तब किसी तरह आक्रोशित भीड़ को शांत कराया लेकिन गुरुवार सुबह एक बार फिर स्थानीय लोग और हिंदूवादी संगठन सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे. आक्रोशित शहरवासियों ने नैनीताल की माल रोड से लेकर कुमाऊं मंडल के कमिश्नर दीपक रावत के कार्यालय, कोतवाली समेत शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जुलूस निकाला और फिर वे लोग आरोपी के घर की तरफ निकल गए. पुलिस को प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा.
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गुरुवार को नैनीताल में हजारों की संख्या में लोगों ने एकत्र होकर माल रोड में जुलूस निकाला और फिर कुमाऊं के आयुक्त दीपक रावत के कार्यालय का घेराव किया. प्रदर्शनकारियों ने आरोपी को फांसी देने की मांग को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा. दुष्कर्म की घटना के विरोध में व्यापारियों ने नैनीताल में होटल और दुकानें बंद रखीं. नैनीताल और हल्द्वानी जिला न्यायालय के अधिवक्ताओं ने भी विरोध जताया.
पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
नैनीताल की जनता के आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन अलर्ट मोड पर है. वहीं घटना के बाद से प्रदर्शनकारी लगातार आरोपी के घर पहुंचकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इस दौरान कई बार प्रदर्शनकारियों की पुलिस के साथ झड़प भी देखने को मिली. आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसे हल्द्वानी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
कमिश्नर ने की शांति बनाए रखने की अपील
कुमाऊं मंडल के कमिश्नर दीपक रावत को प्रदर्शनकारियों के आक्रोश का सामना करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन भी सौंपा. IAS अफसर दीपक रावत ने कहा कि यह घटना बेहद दुखद और अफसोसजनक है. आरोपी को जेल भेज दिया गया है. वह लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं. मामले की जांच की जा रही है. दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
