नहीं बनना चाहती कोई इस गांव की दुल्हन, अधूरे रह जा रहे दूल्हे के अरमान
- April 21, 2025
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Last Updated:April 21, 2025, 23:30 IST Water crisis in Jalgaon: जलगांव के आसोदा गांव में भीषण जल संकट के कारण शादियों पर असर पड़ा है. पानी की कमी
Last Updated:April 21, 2025, 23:30 IST Water crisis in Jalgaon: जलगांव के आसोदा गांव में भीषण जल संकट के कारण शादियों पर असर पड़ा है. पानी की कमी
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आसोदा गांव में जल संकट के कारण बच्चों की शादियां नहीं हो रही हैं. (फोटो News18)
हाइलाइट्स
न्यूज18 मराठी
जलगांव: इस समय शादियों का सीजन जोरों पर है. दूसरी ओर महाराष्ट्र में लोग पानी की कमी की समस्या से चिंतित हैं. आपने हर जगह सुना होगा कि बेरोजगारी के कारण बच्चों की शादी नहीं हो रही है. हालांकि जलगांव के एक गांव में पानी की कमी के कारण बच्चों की शादी नहीं हो रही है. कवयित्री बहिणाबाई चौधरी के आसोदा गांव में भीषण जल संकट ने ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है. नागरिकों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि पानी की आपूर्ति 20 से 25 दिन में केवल एक बार ही होती है.
पानी की इस कमी ने गांव में एक अलग सामाजिक समस्या पैदा कर दी है. कई माता-पिता अपनी बेटियों को शादी करने से यह कहते हुए मना कर रहे हैं कि, “इस गांव में पानी नहीं है, इसलिए हम उन्हें शादी नहीं देंगे.” इतना ही नहीं, अब गांव की शादी-ब्याह की रस्मों में भी पानी नहीं दिया जा रहा है. न्यूज 18 लोकमत से बात करते हुए स्थानीय लोगों ने बताया कि मेहमानों को पानी देने में भी ग्रामीणों को दो बार सोचना पड़ता है.
गांव में लड़कियां शादी करने से कर देती हैं इनकार
यहां की महिलाओं को पीने का पानी लाने के लिए हर दिन कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है. इसलिए इस गांव में लड़कियां शादी करने से साफ इनकार कर देती हैं. ग्रामीणों की मांग है कि यहां के निवासियों को बुनियादी सुविधाएं मिलनी चाहिए. हालांकि, प्रशासन ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया. इसलिए यहां महिलाओं को पानी के लिए भटकना पड़ता है.
जलगांव जिले में पानी की कमी दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है. शहर में जल वितरण में भी असमानता है. चूंकि नगरपालिका की जल आपूर्ति योजना पुरानी हो चुकी है, इसलिए कम से कम हर दस दिन में पानी उपलब्ध होता है. गांव में पीने का साफ पानी नहीं है. जमा पानी में कीड़ों के कारण कई लोग पेट दर्द, बुखार और त्वचा रोगों से पीड़ित हैं. हर कोई पानी खरीदने में सक्षम नहीं है. ग्रामीणों द्वारा प्रशासन से बार-बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक जलापूर्ति बहाल नहीं हो पाई है. उम्मीद है कि नवदंपति के हाथ जल्द ही पीले हो जाएंगे.
