बलबीर सिंह परमार. उत्तरकाशी. गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में लगाए गए कैमरों में इस साल कस्तूरी मृग की तस्वीरें कैद हुई हैं. साथ ही स्नो लेपर्ड सहित भूरे भालू की तस्वीरें भी जोड़े और झुंड में देखी गई हैं. इससे पार्क प्रशासन उत्साहित नजर आ रहा है. अधिकारियों का कहना है कि यह तस्वीरें पार्क क्षेत्र की सुरक्षित पर्यावरणीय और पारिस्थितिक तंत्र की ओर संकेत कर रही हैं. गंगोत्री नेशनल पार्क को दुर्लभवन्य जीवों का घर कहा जाता है. विश्व के सबसे दुर्लभ प्रजाति में शामिल वन्य जीव गंगोत्री ग्लेशियर, केदारताल और भारत-चीन अंतरराष्ट्रीय सीमा पर नेलांग, जादूंग घाटी में पाए जाते हैं. इनकी सुरक्षा के लिए पार्क प्रशासन की ओर से पूरे क्षेत्र में करीब 40 ट्रैप कैमरे लगाए गए थे.
इस साल वन विभाग की ओर से इन कैमरों को निकालकर शीतकाल में गंगोत्री नेशनल पार्क में दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरणीय आकलन किया गया. अधिकारियों का कहना है कि इस साल कैमरों में कस्तूरी मृग, स्नो लेपर्ड और भूरा भालू के अलावा रेड फॉक्स, लेपर्ड कैट की तस्वीरें भी कैद हुई हैं. पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी ने बताया कि वन्य जीवों का दिखना उच्च हिमालयी क्षेत्रों के पर्यावरण और पारिस्थितिक तंत्र के लिए अच्छे संकेत हैं. पार्क क्षेत्र में वर्तमान में अनुमानित 30 से 35 स्नो लेपर्ड की संख्या है. अन्य दुर्लभप्रजातियां भी अच्छी संख्या में देखने को मिल रही है.
रात में मेकअप, दिन में तीन बार स्नान.. 25 दूल्हों संग शादी रचाने वाली दुल्हन का पति बोला – ‘वो मुझसे…’
गंगोत्री नेशनल पार्क में लगाए गए थे करीब 40 ट्रैप कैमरे
गंगोत्री नेशनल पार्क के उपनिदेशक हरीश नेगी ने बताया, ‘गंगोत्री नेशनल पार्क में करीब 40 ट्रैप कैमरे लगाए गए थे. इस बार कैमरे में भूरा भालू, लेपर्ड कैप, कस्तूरी मृग, रेड फॉक्स जैसे कई दुर्लभ प्रजाति के जीव कैमरे में कैद हुए हैं.’
‘भाभी से मेरे संबंध तो हैं मगर’ कमरे में पकड़ा गया देवर, भीड़ ने कहा ‘शादी कर लो’, रोने लगा युवक, और फिर…
2024 में चंबा में दिखा था कस्तूरी मृग
इससे पहले, नवंबर 2024 में हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की जनजातीय पांगी घाटी में विलुप्त वन्य प्राणी कस्तूरी मृग की मौजूदगी का पता चला था. वन्य प्राणी मंडल चंबा के दायरे में आने वाले पांगी के सेचू-हिलटवान पर कस्तूरी मृग अटखेलियां करते दिखाई दिया था. यह घाटी समुद्र तल से करीब 3000 मीटर की ऊंचाई पर है.