February 19, 2026
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दुश्मनों को थर्रा देगा ‘तेजस’ का तूफान! ₹62370 करोड़ में 97 जेट्स की डील डन

  • September 25, 2025
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नई दिल्ली: भारत ने अपनी हवाई ताकत को नया आयाम देते हुए 62,370 करोड़ रुपये की मेगा डील पर मुहर लगा दी है. रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स

दुश्मनों को थर्रा देगा ‘तेजस’ का तूफान! ₹62370 करोड़ में 97 जेट्स की डील डन
नई दिल्ली: भारत ने अपनी हवाई ताकत को नया आयाम देते हुए 62,370 करोड़ रुपये की मेगा डील पर मुहर लगा दी है. रक्षा मंत्रालय ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के साथ 97 तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA Mk-1A) खरीदने का कॉन्ट्रैक्ट साइन कर दिया है. यह सौदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमिटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) से मंजूरी मिलने के एक महीने बाद हुआ. इससे पहले फरवरी 2021 में सरकार ने 83 तेजस लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए 48,000 करोड़ रुपये की डील की थी.

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तेजस Mk-1A की खासियतें

तेजस पूरी तरह स्वदेशी मल्टी-रोल फाइटर है, जो दुश्मन के सबसे खतरनाक वातावरण में भी उड़ान भर सकता है. इसमें आधुनिक Swayam Raksha Kavach सिस्टम और अत्याधुनिक कंट्रोल एक्ट्यूएटर्स होंगे. इस वर्जन में 64% से ज्यादा इंडिजिनस कॉन्टेंट और 67 नई देसी टेक्नॉलॉजीज शामिल की जा रही हैं. तेजस के ऑपरेशन सिर्फ एयर डिफेंस तक सीमित नहीं, बल्कि यह मैरिटाइम रिकॉनिसेंस और सटीक स्ट्राइक रोल्स भी अंजाम देने में सक्षम है.

2027 से शुरू होंगी डिलीवरी

कॉन्ट्रैक्ट के मुताबिक तेजस Mk-1A की डिलीवरी 2027-28 से शुरू होगी. यह सिंगल-इंजन जेट भारतीय वायुसेना के पुराने हो चुके MiG-21 बेड़े की जगह लेगा.

स्क्वॉड्रन गैप भरेगा तेजस

IAF की मंजूर ताकत 42 स्क्वॉड्रन की है, लेकिन फिलहाल सिर्फ 31 स्क्वॉड्रन ही सक्रिय हैं. नए तेजस फाइटर्स इस खालीपन को भरेंगे और दुश्मनों को जवाब देने की क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगे.

‘मेक इन इंडिया’ का सशक्त प्रतीक

तेजस प्रोजेक्ट न सिर्फ भारतीय वायुसेना को मजबूती देगा, बल्कि रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा प्रतीक भी बनेगा. HAL की यह डील घरेलू उद्योग को नई तकनीक, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा धक्का देगी.

तेजस एमके-1ए डिलीवरी में आएगी तेजी

इसी महीने HAL को तेजस LCA MK-1ए के लिए तीसरा जीई-404 इंजन मिल गया. सितंबर 2025 के अंत तक चौथा इंजन भी मिलने की उम्मीद है. यह इंजन अमेरिकी कंपनी से भारत को सप्लाई हो रहे हैं. इंजन की उपलब्धता से तेजस उत्पादन और डिलीवरी की गति बढ़ेगी. एचएएल का कहना है कि तय योजना के मुताबिक भारतीय वायुसेना को विमान सौंपने में अब आसानी होगी. सूत्रों के मुताबिक इस वित्त वर्ष के अंत तक एचएएल को कुल 12 इंजन मिल सकते हैं.

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