दिल्लीवाले हर साल रहते हैं परेशान, अब MCD लेने वाला है बड़ा फैसला
- April 14, 2025
- 0
Last Updated:April 14, 2025, 05:47 IST MCD Meeting News: सरकार बदलने के साथ ही दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी के कामकाज के तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है.
Last Updated:April 14, 2025, 05:47 IST MCD Meeting News: सरकार बदलने के साथ ही दिल्ली नगर निगम यानी एमसीडी के कामकाज के तौर-तरीकों में भी बदलाव आया है.
Last Updated:
MCD मानसूनी बारिश से होने वाली समस्याओं से निपटने की तैयारी में अभी से जुट गया है. (फोटो: पीटीआई)
हाइलाइट्स
नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली के वासियों को अभी गर्मी का सितम झेलना है. मौसम विभाग ने इस सीजन में प्रचंड गर्मी होने का पूर्वानुमान जताया है. मौसम में बदलाव की वजह से दिल्लीवाले फिलहाल राहत की सांस ले रहे हैं, लेकिन जल्द ही गर्म हवा के थपेड़ों से जीना मुहाल हो सकता है. लेकिन, दिल्ली नगर निगम (MCD) को किसी और बात का डर सता रहा है. इसको लेकर 17 अप्रैल 2025 को स्पेशल मीटिंग भी बुलाई गई है. दरअसल, दिल्ली में हर साल मानसून के सीजन में बारिश के चलते अनेक तरह की समस्याएं पैदा हो जाती हैं. खासकर जलभराव और नालों के जाम होने से महानगर वासियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. मानसून के दौरान होने वाली समस्याओं से निपटने के लिए MCD अभी से ही एक्टिव हो गया है और विशेष बैठक बुलाई है. इसमें तीन एजेंडों पर फोकस रहने वाला है.
MCD के एक अधिकारी ने बताया कि नगर निगम 17 अप्रैल को मानसून की तैयारियों और जलभराव को कम करने की रणनीतियों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक आयोजित करेगी. बैठक के एजेंडे में मानसून से संबंधित चुनौतियों और अन्य तैयारियों की विस्तृत समीक्षा शामिल है. इस अधिकारी ने बताया कि मुख्य फोकस क्षेत्रों में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकार क्षेत्र के तहत आने वाले नालों की सफाई, जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति और इन स्थानों के आसपास जल निकासी प्रणालियों की मैपिंग शामिल है. एमसीडी कमिश्नर अश्विनी कुमार की अगुवाई में होने वाली इस बैठक में सभी डिप्टी कमिश्नर, असिस्टेंट कमिश्नर, टॉप इंजीनियर और जूनियर इंजीनियर से लेकर इंजीनियर-इन-चीफ रैंक के अधिकारी शामिल होंगे.
इन मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना
मानसून की तैयारियों को लेकर एमसीडी की होने वाली बैठक में कई बिंदुओं पर चर्चा होने की संभावना है. इनमें जलभराव वाले क्षेत्रों में अधिकारियों की नियुक्ति और सभी परमानेंट पंपिंग स्टेशनों पर संप वेल को साफ करना शामिल है. इसके अलावा बारिश के दौरान पोर्टेब पंप के प्लेसमेंट पर भी चर्चा होने की संभावना है. अतीत के अनुभवों से सीख लेते हुए एमसीडी ने बाढ़ को रोकने के लिए पंपों को तुरंत चालू करने और पर्याप्त वर्कफोर्स की तैनाती की आवश्यकता पर भी बैठक में जोर दिए जाने की संभावना है. एमसीडी की होने वाली बैठक में छोटी कॉलोनी के नालों की सफाई के लिए इंजीनियरिंग और सैनिटेशन डिपार्टमेंट के बीच समन्वय भी एजेंडे में शामिल है. जरूरत पड़ने पर रीजनल लेवल पर भी बैठकें की जा सकती हैं.
स्पेशल अटेंशन
मानसून के दौरान संभावित दुर्घटनाओं से बचने के लिए खतरनाक स्ट्रक्चर से संबंधित शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसका उद्देश्य किसी भी तरह की अनहोनी को पहले रोकना है. बता दें कि बारिश के समय में अक्सर ही पुराने मकानों के जमींदोज होने की घटनाएं सामने आती हैं. ऐसे हादसों में संपत्तियों के साथ ही जनहानि भी होती है. एमसीडी का उद्देश्य गहन सफाई अभियान को मजबूत करना, कचरा-संवेदनशील बिंदुओं को एड्रेस करना, धार्मिक स्थलों के आसपास सफाई बनाए रखना और पार्कों में हरियाली और स्वच्छता सुनिश्चित करना है.
