नई दिल्ली. कर्नाटक सरकार ने सड़कों के गड्ढों को तुरंत ठीक करने के लिए इकोफिक्स टेक्नोलॉजी को लागू करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. इसके लिए सरकार ने सीएसआईआर-सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) और रामुका ग्लोबल सर्विसेज के साथ एक त्रिपक्षीय समझौता (एमओए) किया है. कर्नाटक की मुख्य सचिव डॉ. शालिनी राजनेश की उपस्थिति में समझौते पर हस्ताक्षर किए गए. इस समझौते पर सीएसआईआर-सीआरआरआई के निदेशक डॉ. मनोरंजन परिदा, रामुका ग्लोबल सर्विसेज के साझेदार डॉ. दीपक रामुका और कर्नाटक सरकार के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए.
इकोफिक्स टेक्नोलॉजी सड़कों के गड्ढों को जल्दी और बेहतर ढंग से ठीक करने का एक नया तरीका है. इस तकनीक की खोज सीएसआईआर-सीआरआरआई के प्रधान वैज्ञानिक सतीश पांडेय ने किया है. दिसंबर 2024 में, इस तकनीक का सफल ट्रायल बेंगलुरु में एसएच-265 और एवेन्यू रोड पर किया गया. जो कर्नाटक पीडब्ल्यूडी और बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका के सहयोग से हुआ. इसके अलावा, कर्नाटक की दूसरी राजधानी बेलगावी में भी एसएच-141, रक्सकोप्पा-सुत्तगट्टी मार्ग पर बेलगावी नगर निगम और जिला पीडब्ल्यूडी के साथ मिलकर इस तकनीक का ट्रायल किया गया. ट्रायल सफल होने के बाद कर्नाटक सरकार ने राज्य में सड़क रखरखाव के लिए लागू करने का फैसला किया.
बारिश में नहीं पड़ेगा फर्क
इकोफिक्स टेक्नोलॉजी में उन्नत सामग्री का उपयोग किया जाता है, जिसमें प्रोसेस्ड आयरन और स्टील स्लैग एग्रीगेट्स शामिल हैं. यह मिश्रण पानी प्रतिरोधी है, जिसके कारण बारिश के मौसम में भी गड्ढों को बिना पानी निकाले ठीक किया जा सकता है. यह तकनीक सड़कों की सतह को बेहतर बनाती है और उनकी उम्र बढ़ाती है. कर्नाटक जैसे राज्य के लिए यह बहुत फायदेमंद है, जहां मौसम और यातायात के दबाव के कारण गड्ढों की बड़ी समस्या है.
हादसों में कमी आएगी
यह समझौता कर्नाटक में सड़कों के टिकाऊ और लंबे समय तक चलने वाले रखरखाव को बढ़ावा देगा. तकनीक न केवल सड़कों को बेहतर बनाएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा में भी सुधार करेगी. इससे दुर्घटनाएं कम होंगी. कर्नाटक का यह कदम अन्य राज्यों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है. इस तकनीक के लागू होने से राज्य में सड़क यात्रा अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगी.